न कोई झगड़ा था न विवाद...फिर क्यों नहीं टिक पाई इस दिग्गज एक्ट्रेस की शादी?

कोंकणा सेन शर्मा के 46वें जन्मदिन पर उनकी पर्सनल लाइफ फिर सुर्खियों में है. रणवीर शौरी से उनकी शादी बिना विवाद के शुरू हुई और बिना विवाद के ही खत्म भी हो गई. दोनों आज बेटे हारून की जॉइंट कस्टडी के साथ आगे बढ़ चुके हैं.

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Babli Rautela

कोंकणा सेन शर्मा भारतीय सिनेमा की उन चुनिंदा एक्ट्रेसेस में गिनी जाती हैं जिन्होंने अपनी एक्टिंग से एक अलग पहचान बनाई है. फिल्में हों या वेब सीरीज, कोंकणा ने हर बार अपने बेहतरीन अभिनय से दर्शकों को प्रभावित किया है. हाल ही में उनकी वेब सीरीज सर्च द नैना मर्डर केस को सराहना मिली है. 

अब अपने 46वें जन्मदिन पर वह फिर से चर्चा में हैं, इस बार अपने निजी जीवन को लेकर. उनकी शादी क्यों टूट गई, यह प्रश्न हमेशा फैन्स के मन में रहा है, खासकर तब जब उनके रिश्ते में न कोई बड़ा विवाद था, न कोई सुर्खियां बटोरने वाला झगड़ा.

मिक्स्ड डबल्स की शूटिंग से शुरू हुई प्रेम कहानी

कोंकणा और रणवीर शौरी की प्रेम कहानी बहुत सादगी से शुरू हुई थी. टीवी और फिल्मों में अपनी जगह बनाने वाले रणवीर शौरी—जो बाद में बिग बॉस ओटीटी 3 के रनर अप भी बने—साल 2006 में कोंकणा के साथ फिल्म मिक्स्ड डबल्स की शूटिंग कर रहे थे.

दोनों शोर शराबे से दूर, निजी जिंदगी को हमेशा सीमित दायरे में रखना पसंद करते थे. इसी वजह से इनका रिश्ता भी बेहद शांत और सरल तरीके से आगे बढ़ा. दोनों ने कभी अपने प्यार को लाइमलाइट में लाने की जरूरत महसूस नहीं की. धीरे धीरे रिश्ता मजबूत हुआ और दोनों ने एक दूसरे को डेट करना शुरू किया.

सादगी से की थी शादी

कोंकणा और रणवीर की शादी भी उन्हीं की तरह बेहद सरल रही. न कोई भव्य कार्यक्रम, न कोई मीडिया ग्लैमर—सिर्फ परिवार और कुछ करीबी दोस्त. दोनों ने अपने रिश्ते को दुनिया से दूर रखकर अपने तरीके से निभाना पसंद किया. शादी के बाद दोनों का एक बेटा हुआ, जिसका नाम है हारून. कोंकणा अपने काम और परिवार को बेहतरीन तरीके से संभाल रही थीं और सब कुछ सामान्य चल रहा था.

सबसे दिलचस्प बात यह है कि कोंकणा और रणवीर का रिश्ता बिना किसी विवाद के ही खराब होने लगा. दोनों के बीच न कोई बड़ा झगड़ा हुआ, न कोई सार्वजनिक आरोप. लेकिन धीरे धीरे दोनों ने महसूस किया कि वे एक दूसरे के साथ खुश नहीं हैं. इस भारी सच को स्वीकार करते हुए दोनों ने बेहद शांतिपूर्ण तरीके से अलग होने का फैसला किया. यह एक परिपक्व निर्णय था, जिसमें न कोई कटुता थी, न कोई ड्रामा—सिर्फ दो लोगों का एक दूसरे को जगह देना.