menu-icon
India Daily

'पेड़ के पीछे काजोल को करना पड़ता था ये काम...', करण जौहर ने DDLJ की शूटिंग के दिनों को किया याद

DDLJ Shooting: फिल्म मेकर करण जौहर ने हाल ही में जय शेट्टी के पॉडकास्ट में अपनी पहली फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे (DDLJ) के निर्माण के अनुभव साझा किए. यह कहानी 1995 की उस प्रतिष्ठित फिल्म की मेहनत और जुनून को दर्शाती है, जिसने बॉलीवुड को नया आयाम दिया.

babli
Edited By: Babli Rautela
'पेड़ के पीछे काजोल को करना पड़ता था ये काम...', करण जौहर ने DDLJ की शूटिंग के दिनों को किया याद
Courtesy: Social Media

DDLJ Shooting: बॉलीवुड के दिग्गज फिल्म मेकर करण जौहर ने हाल ही में जय शेट्टी के पॉडकास्ट में अपनी पहली फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे (DDLJ) के निर्माण के अनुभव साझा किए. उन्होंने सहायक डायरेक्टर के रूप में अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे वह शाहरुख खान के कॉस्ट्यूम डिजाइनर से लेकर सेट पर भीड़ को संभालने तक, हर काम में जुटे रहे. यह कहानी 1995 की उस प्रतिष्ठित फिल्म की मेहनत और जुनून को दर्शाती है, जिसने बॉलीवुड को नया आयाम दिया.

करण ने बताया कि DDLJ की शूटिंग के दौरान कोई अलग-अलग विभाग नहीं थे. सहायक डायरेक्टरों को डायलॉग लिखने, निरंतरता बनाए रखने और भीड़ को कंट्रोल करने जैसे कई काम करने पड़ते थे. उन्होंने याद किया, 'हम 21 लोगों की एक यूनिट थे, बस 21 लोग एक बस में फिल्म बना रहे थे. हम एक बस में बैठते, गाड़ी चलाते, और अगर लोकेशन देखकर कहते, 'रुको. यह बहुत सुंदर लग रहा है. चलो शूटिंग शुरू करते हैं.'

करण जौहर ने खोले DDLJ के सेट के राज

करण ने DDLJ की शूटिंग को अपने जीवन की 'सबसे बड़ी सीख' बताया. उन्होंने स्विट्जरलैंड में शूटिंग के किस्से साझा किए, जहां वह और उनकी टीम काजोल के लिए रेलवे स्टेशनों से सस्ते कपड़े खरीदते थे. काजोल के हेयर और मेकअप पर्सन को वीजा न मिलने के कारण करण उनके बाल संवारते थे, और उनकी मां तनुजा मेकअप करती थीं. करण ने कहा, 'पहले, कोई मैनेजर नहीं होता था. एक मेन एक्ट्रेस और उसके माता-पिता, बस.'

आज के बॉलीवुड पर करण

करण ने पुराने और नए बॉलीवुड की तुलना करते हुए कहा कि पहले फिल्म निर्माण में भाईचारा था, जो अब कम हो गया है. उन्होंने बताया, 'आज, अगर आप किसी एक्टर की वैनिटी वैन में जाएं, तो वहां आठ लोग मौजूद होते हैं.' उनके मुताबिक, पहले का पागलपन भरा माहौल मज़ेदार था, लेकिन अब सब कुछ अति-संरचित और उबाऊ हो गया है.