मुंबई: बॉलीवुड की फायरब्रांड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनौत इन दिनों एक पुराने मानहानि केस में फंस गई हैं. पंजाब के बठिंडा की स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने कंगना को बड़ा झटका दिया है. कोर्ट ने उनकी पेशी से छूट की अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया और 15 जनवरी 2026 को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होने का सख्त आदेश जारी किया है. अगर कंगना इस तारीख पर नहीं पहुंचीं, तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो सकता है और उनकी जमानत भी रद्द की जा सकती है.
यह मामला 2020-2021 के किसान आंदोलन से जुड़ा है. उस समय कंगना ने सोशल मीडिया पर एक बुजुर्ग महिला किसान की तस्वीर पोस्ट की थी. उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग प्रदर्शन की मशहूर 'बिलकिस दादी' को गलती से महिंदर कौर समझ लिया और विवादित कमेंट किया. कंगना ने लिखा था कि यह महिला प्रदर्शन करने के लिए 100 रुपये में उपलब्ध है. यह पोस्ट वायरल हो गई और काफी बवाल मचा.
पंजाब के बठिंडा जिले के बहादुरगढ़ जंडियां गांव की रहने वाली महिंदर कौर (अब 81 साल की) ने इसे अपनी इज्जत पर हमला मानते हुए जनवरी 2021 में मानहानि का केस दर्ज कराया. महिंदर कौर ने कहा कि कंगना की इस टिप्पणी से उनकी और उनके परिवार की बदनामी हुई. केस कई साल से चल रहा है. पहले कंगना ने कोर्ट में माफी मांगी थी और कहा था कि गलतफहमी हुई, लेकिन महिंदर कौर ने माफ करने से इनकार कर दिया.
हाल ही में कोर्ट की सुनवाई में कंगना के वकील ने फिर पेशी से छूट मांगी, लेकिन शिकायतकर्ता महिंदर कौर के वकील रघुबीर सिंह बहनीवाल ने इसका विरोध किया. कोर्ट ने छूट की अर्जी ठुकरा दी और साफ कहा कि इस बार कंगना को खुद आना होगा. पिछली सुनवाई में भी कोर्ट ने कड़े तेवर दिखाए थे. कंगना रनौत मंडी से बीजेपी की सांसद हैं और फिलहाल अपनी फिल्मों और राजनीतिक कामों में व्यस्त रहती हैं. लेकिन यह केस उनके लिए सिरदर्द बना हुआ है.
फैंस और सोशल मीडिया पर इस खबर को लेकर चर्चा चल रही है. कुछ लोग कंगना का सपोर्ट कर रहे हैं तो कुछ किसान आंदोलन की याद दिला रहे हैं. अब सभी की नजरें 15 जनवरी पर टिकी हैं. देखना यह है कि कंगना कोर्ट में पेश होती हैं या नहीं. अगर नहीं हुईं तो कानूनी कार्रवाई और सख्त हो सकती है.