'रम्बा हो' एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने क्यों 27 साल पहले छोड़ दिया था बॉलीवुड? खोले फिल्म इंडस्ट्री के कच्चे चिट्ठे

रम्बा हो गाने से मशहूर एक्ट्रेस कल्पना अय्यर आज फिल्म दुनिया से कोसो दूर है. अब अपने इंटरव्यू में एक्ट्रेस ने बताया कि क्यों 27 साल पहले उन्होंने अचानक बॉलीवुड छोड़ा था. ग्रुपबाजी और काम से असंतोष को उन्होंने इसकी सबसे बड़ी वजह बताया.

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Babli Rautela

मुंबई: साल 1981 का सुपरहिट गाना रम्बा हो आज भी लोगों की जुबान पर चढ़ा रहता है. हाल ही में यह गाना रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर में दोबारा इस्तेमाल हुआ, जिसके बाद से यह फिर से चर्चा में आ गया. इसी गाने में नजर आई एक्ट्रेस कल्पना अय्यर आज फिल्मीं दुनिया से कोसो दूर हैं. इसके साथ ही सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें 70 साल की उम्र में भी वह उसी गाने पर जबरदस्त डांस करती दिखाई दे रही हैं. इस वीडियो ने उन्हें एक बार फिर लाइमलाइट में ला दिया.

लाइमलाइट में लौटने के बाद कल्पना अय्यर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपने करियर को लेकर बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया कि करीब 27 साल पहले उन्होंने अचानक बॉलीवुड छोड़ने का फैसला किया था. इसकी सबसे बड़ी वजह इंडस्ट्री में बढ़ती ग्रुपबाजी और काम से मिलने वाला असंतोष था.

कल्पना अय्यर ने 27 साल पहले क्यों छोड़ा था बॉलीवुड?

कल्पना ने कहा कि जब वह टेलीविजन में काम कर रही थीं, तब माहौल पूरी तरह बदल चुका था. काम उन्हीं लोगों और उन्हीं ग्रुप्स के इर्द गिर्द घूमने लगा था. वह किसी भी ग्रुप का हिस्सा नहीं थीं. न फिल्म इंडस्ट्री में और न ही टीवी की दुनिया में. ऐसे में उन्हें लगने लगा कि वह जिस तरह का काम कर रही हैं, उससे वह खुश नहीं हैं.

कल्पना अय्यर ने साफ शब्दों में कहा कि अगर किसी काम से खुशी ही न मिले तो उसे करते रहने का कोई मतलब नहीं होता. उन्होंने बिना किसी शिकायत या नाराजगी के इंडस्ट्री से दूरी बना ली. उनका मानना था कि जब दिल से संतुष्टि न मिले तो आगे बढ़ जाना ही बेहतर होता है.

सलमान खान से क्यों नहीं मांगी मदद? 

इसी इंटरव्यू में उनसे यह भी पूछा गया कि क्या उन्होंने अपनी फिल्म हम साथ साथ हैं के को स्टार सलमान खान से कभी मदद मांगी. इस सवाल पर कल्पना का जवाब बेहद साफ और आत्मसम्मान से भरा हुआ था. उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी किसी को फोन नहीं किया. ऐसा नहीं है कि उन्हें मदद मांगना गलत लगता है, लेकिन वह किसी के पास जाकर सिफारिश करवाने में विश्वास नहीं रखतीं. उन्होंने कहा कि अगर कोई निर्माता निर्देशक समझदार है और उसे लगता है कि मैं इस काम के लायक हूं, तो वह खुद मुझसे संपर्क करेगा. अगर ऐसा नहीं हुआ तो इसका मतलब यही है कि मैं उस काम के लिए सही नहीं थी.

कल्पना अय्यर ने यह भी साफ किया कि वह किसी को दोष नहीं देतीं. न ही वह किसी तरह की नकारात्मकता में विश्वास रखती हैं. उन्होंने अपनी जिंदगी को सहज तरीके से स्वीकार किया और आगे बढ़ गईं. यही वजह है कि आज भी वह अपने फैसले को लेकर पूरी तरह संतुष्ट नजर आती हैं.