2 लाइन गा दीजिए... होस्ट के इतना कहते ही क्यों भड़क उठे कैलाश खेर? दिया ऐसा जवाब कि वीडियो हुआ वायरल
दिल्ली में हुए एक कार्यक्रम के दौरान कैलाश खेर ने स्टेज पर गाने के अनुरोध पर नाराजगी जताई. उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
मुंबई: मशहूर गायक कैलाश खेर एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका कोई गाना नहीं बल्कि उनका एक वायरल वीडियो है. दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जब उनसे मंच पर गाने का अनुरोध किया गया, तो उन्होंने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए साफ इनकार कर दिया. यह घटना दिल्ली के ताज पैलेस में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम के दौरान हुई. इस इवेंट में हेल्थकेयर क्षेत्र से जुड़े कई लोग मौजूद थे. कार्यक्रम के दौरान एक महिला होस्ट ने कैलाश खेर से मंच पर कुछ गाने के लिए कहा. लेकिन यह अनुरोध सिंगर को पसंद नहीं आया और उन्होंने उसी समय अपनी बात स्पष्ट तरीके से रखी.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कैलाश खेर को होस्ट को जवाब देते हुए देखा जा सकता है. उनका अंदाज गंभीर था और उन्होंने अपनी बात पूरी दृढ़ता के साथ रखी.
होस्ट की किस बात पर भड़के कैलाश खेर
कैलाश खेर ने कहा कि कलाकारों को इस तरह से मंच पर अचानक गाने के लिए कहना गलत है. उन्होंने कहा कि यह सोच बदलने की जरूरत है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी सिंगर को यूं ही दो लाइन गाने के लिए कहना उसके काम और साधना का सम्मान नहीं है.
अपनी बात को समझाने के लिए उन्होंने उदाहरण भी दिया. उन्होंने कहा कि जैसे आप सचिन तेंडुलकर से अचानक नहीं कह सकते कि एक छक्का मारकर दिखाइए, वैसे ही किसी गायक से भी तुरंत गाने के लिए कहना सही नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि किसी सैनिक से यह नहीं कहा जाता कि तुरंत अपनी पोजिशन लेकर गोली चलाइए. इसी तरह कलाकारों के साथ भी सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए.
कलाकार को बताया साधक
कैलाश खेर ने अपने बयान में यह भी कहा कि एक सच्चा कलाकार सिर्फ मनोरंजन करने वाला नहीं होता, बल्कि वह एक साधक होता है. उन्होंने कहा कि कलाकार अपने अंदर की भावनाओं और साधना से जुड़ा होता है, इसलिए उसे सिर्फ मजाक या हल्के अंदाज में नहीं लेना चाहिए. इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अपने रिएक्शन साझा करने शुरू कर दिए.
कुछ लोग कैलाश खेर की बात से सहमत हैं और मानते हैं कि कलाकारों का सम्मान होना चाहिए. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रमों में हल्के फुल्के अनुरोध सामान्य होते हैं.