जुनैद खान ने 'एक दिन' की नाकामी पर तोड़ी चुप्पी, पापा आमिर खान को लेकर जानें क्या कहा?
आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी फिल्म को दर्शकों का अपेक्षित रेस्पॉन्स नहीं मिला और ये बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई. हाल ही में जुनैद खान ने फिल्म की असफलता पर खुलकर बात की. इंटरव्यू में जुनैद ने कहा- 'हम काफी उम्मीद के साथ फिल्म रिलीज कर रहे थे.
मुंबई: बॉलीवुड के सुपरस्टार आमिर खान के बेटे जुनैद खान की फिल्म 'एक दिन' 1 मई को रिलीज हुई थी. थाई फिल्म 'One Day' का ये हिंदी रीमेक साई पल्लवी के साथ जुनैद की जोड़ी पर काफी उम्मीदें थीं. साई पल्लवी दक्षिण भारतीय सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री हैं और ये उनका हिंदी डेब्यू था.
आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी फिल्म को दर्शकों का अपेक्षित रेस्पॉन्स नहीं मिला और ये बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई. हाल ही में जुनैद खान ने फिल्म की असफलता पर खुलकर बात की. इंटरव्यू में जुनैद ने कहा- 'हम काफी उम्मीद के साथ फिल्म रिलीज कर रहे थे. लेकिन ये अच्छा नहीं चला. कभी-कभी ऐसा होता है. मैंने फिल्म को बहुत पसंद किया था, हम सबको मजा आया था. काफी लोगों को भी ये फिल्म पसंद आई, लेकिन ज्यादातर दर्शकों को नहीं. ये होता रहता है.'
जुनैद ने अपने पिता आमिर खान की प्रतिक्रिया के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा- 'अभी भी उन्हें ये बात बहुत परेशान करती है. इतने सालों के अनुभव के बाद भी फिल्म की नाकामी उन्हें अंदर तक छू जाती है. लेकिन वो हार नहीं मानते. खुद को व्यस्त रखते हैं और फिर नई शुरुआत करते हैं. वो हमेशा उम्मीद पर जीते हैं.'
महत्वपूर्ण फैसला बदल गया प्रोजेक्ट
जुनैद ने ये भी कबूल किया कि 'एक दिन' से पहले उन्होंने जो गलती की, उसे दोहराना नहीं चाहते. उन्होंने बताया कि मूल रूप से ये फिल्म सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा (महाराज के डायरेक्टर) के साथ बनने वाली थी. शूटिंग महाराज के तुरंत बाद शुरू होनी थी. लेकिन जुनैद को स्क्रिप्ट बहुत पसंद आई, इसलिए उन्होंने दूसरी राय लेने के लिए पिता आमिर खान के पास बात की.
आमिर के शामिल होने के बाद पूरा प्रोजेक्ट बदल गया और आखिरकार आमिर खान प्रोडक्शंस के तहत फिल्म बनी. जुनैद अब आगे के प्रोजेक्ट्स को लेकर आमिर से पहले चर्चा नहीं करते. उन्होंने साफ कहा कि भविष्य की फिल्मों के बारे में फैसला खुद लेना पसंद करेंगे. 'एक दिन' में जुनैद और साई पल्लवी की केमिस्ट्री को कुछ दर्शकों ने सराहा जरूर, लेकिन व्यापक स्तर पर फिल्म कनेक्ट नहीं कर पाई.
बॉलीवुड में रीमेक का ट्रेंड तो जारी है, लेकिन हर बार दर्शक नई कहानी और ट्रीटमेंट की उम्मीद रखते हैं. जुनैद खान की ये शुरुआती असफलता उनके करियर का पहला बड़ा सबक बन गई है. आमिर खान जैसे परफेक्शनिस्ट पिता के बेटे के तौर पर उन पर दबाव तो रहता ही है, लेकिन जुनैद दिखा रहे हैं कि वो अपनी राह खुद बनाना चाहते हैं.