हरियाणवी इंडस्ट्री में शोक की लहर, फोक आर्टिस्ट पेप्सी शर्मा का निधन, सीने में दर्द उठने के बाद हॉस्पिटल में तोड़ा दम
पेप्सी शर्मा ने कई बड़े नामों को टक्कर दी. उन्होंने सपना चौधरी जैसी मशहूर हस्ती को भी कॉम्पिटिशन में हराया था. स्टेज पर उनका जोश देखने लायक होता था. वे पारंपरिक रागनी गायकी को नया रूप देने वाले कलाकारों में शामिल थे. उनके परफॉर्मेंस में संगीत के साथ कॉमेडी भी होती थी, जिससे दर्शक खूब खश रहते थे.
Pepsi Sharma Passes Away: हरियाणवी फोक गायकी की दुनिया में दुख की खबर आई है. मशहूर कलाकार पेप्सी शर्मा का 40 साल की उम्र में निधन हो गया. दिल का दौरा पड़ने से उनकी जान चली गई. घटना गाजियाबाद से जुड़ी है. अचानक सीने में तेज दर्द उठा तो उन्हें तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने आखिरी सांस ली.
हरियाणवी फोक आर्टिस्ट पेप्सी शर्मा का निधन
पेप्सी शर्मा का असली नाम यशपाल शर्मा था. वे पटला गांव, गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले थे. वे सिर्फ गायक नहीं बल्कि एक बेहतरीन कॉमेडियन, संगीतकार और स्टेज परफॉर्मर भी थे. उनकी एनर्जी से भरी परफॉर्मेंस की पूरे हरियाणा, उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में धूम थी. रागनी गायकी की स्पर्धाओं में वे अपनी ताकतवर आवाज और मजेदार अंदाज के लिए जाने जाते थे.
पेप्सी शर्मा ने कई बड़े नामों को टक्कर दी. उन्होंने सपना चौधरी जैसी मशहूर हस्ती को भी कॉम्पिटिशन में हराया था. स्टेज पर उनका जोश देखने लायक होता था. वे पारंपरिक रागनी गायकी को नया रूप देने वाले कलाकारों में शामिल थे. उनके परफॉर्मेंस में संगीत के साथ कॉमेडी भी होती थी, जिससे दर्शक खूब खश रहते थे. टीवी पर भी उन्होंने अपनी पहचान बनाई. स्टार प्लस के शो 'ये दिल है हिंदुस्तानी' समेत कई कार्यक्रमों में वे नजर आए.
स्टेज के अलावा उन्होंने कई गाने गाए और कंपोज भी किए. उनके पॉपुलर गानों में सावन की बूंद, भोले के दीवाने और तेरे जीजा से मैं तंग आली शामिल हैं. ये गाने आज भी हरियाणवी कार्यक्रमों और यूट्यूब पर लोगों को सुनाई देते हैं.
सोशल मीडिया पर शोक की लहर
खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर शोक की लहर दौड़ गई. एक यूजर ने लिखा- 'पॉपुलर हरियाणवी रागनी सिंगर पेप्सी शर्मा ब्रो नो मोर. ओम शांति.' दूसरे ने कहा- 'रागनी दुनिया में वे ताकतवर कलाकार के रूप में पहचाने जाते थे. दिल से श्रद्धांजलि.' कई लोगों ने उनके गांव पटला और हरियाणवी आर्ट को दी गई सेवाओं का जिक्र करते हुए दुख जताया. पेप्सी शर्मा की मौत हरियाणवी फोक आर्ट के लिए बड़ा नुकसान है. वे उन कलाकारों में से थे जो ग्रामीण परंपराओं को जिंदा रखते थे.