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Gippy Grewal Film Akaal: गिप्पी ग्रेवाल की फिल्म 'अकाल' का पंजाब में भारी विरोध, जानें रिलीज होते ही क्यों हुआ बवाल?

पंजाबी सिंगर और एक्टर गिप्पी ग्रेवाल की पंजाबी फिल्म ‘अकाल: द अनकॉन्क्वेर्ड’ सिनेमाघरों में बीते दिन यानी 10 अप्रैल को रिलीज हुई है. लेकिन फिल्म रिलीज होने के बाद ही विवादों में आ गई है. पटियाला में 'अकाल' को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है.

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Edited By: Antima Pal
Gippy Grewal Film Akaal: गिप्पी ग्रेवाल की फिल्म 'अकाल' का पंजाब में भारी विरोध, जानें रिलीज होते ही क्यों हुआ बवाल?
Courtesy: social media

Gippy Grewal Film Akaal: पंजाबी सिंगर और एक्टर गिप्पी ग्रेवाल की पंजाबी फिल्म ‘अकाल: द अनकॉन्क्वेर्ड’ सिनेमाघरों में बीते दिन यानी 10 अप्रैल को रिलीज हुई है. लेकिन फिल्म रिलीज होने के बाद ही विवादों में आ गई है. पटियाला में 'अकाल' को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है. बता दें कि फिल्म ने पहले दिन 85 लाख का कलेक्शन किया है. 

गिप्पी ग्रेवाल की फिल्म 'अकाल' का पंजाब में भारी विरोध

एक्टर गिप्पी ग्रेवाल की लेटेस्ट पंजाबी फिल्म 'अकाल: द अनकॉन्क्वेर्ड' की सिख समुदाय को गलत तरीके से पेश करने के आरोपों पर विरोध हो रहा है. 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म को शुरू में दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला. हालांकि इसने सिख समुदाय के सदस्यों, खासकर वरिष्ठ सिख नेता बाबा बख्शीश सिंह के बीच विवाद को जन्म दिया है.

सिख इतिहास और परंपरा का अपमान

समाचार एजेंसी आईएएनएस के अनुसार सिख नेता बाबा बख्शीश सिंह ने कथित तौर पर सिख मूल्यों का अनादर करने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए फिल्म की निंदा की. उन्होंने दावा किया कि फिल्म में सिख पात्रों को अनुचित और अपमानजनक माने जाने वाले कार्यों में दिखाया गया है- जैसे शराब और तंबाकू का सेवन करना और बिना कटे बाल के रूप में दिखना. उन्होंने कहा कि इस तरह के चित्रण समुदाय की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं.

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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1840 के दशक के पंजाब में सेट की गई यह फिल्म सरदार अकाल सिंह के जीवन पर आधारित है और इसे करण जौहर ने प्रोड्यूस किया है.सिख नेता बाबा बख्शीश सिंह ने आगे कहा कि अगर फिल्म का उद्देश्य हरि सिंह नलवा या जस्सा सिंह अहलूवालिया जैसे ऐतिहासिक सिख योद्धाओं की विरासत को दर्शाना है, तो फिल्म निर्माताओं और अभिनेताओं की जिम्मेदारी बनती है कि वे इन शख्सियतों को गरिमा, ऐतिहासिक सटीकता और सम्मान के साथ पेश करें.