23 साल की इस लड़की पर हिटलर की आत्मा और 6 शैतानों का साया, 67 बार झाड़ फूंक के बाद भी नहीं बचा सके जान

जर्मनी की एक लड़की की रहस्यमयी कहानी आज भी दुनिया की सबसे डरावनी घटनाओं में गिनी जाती है. कहा जाता है कि उसके शरीर पर 6 शैतानी आत्माओं का कब्जा था और उसे बचाने के लिए कई बार झाड़ फूंक की गई थी.

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Babli Rautela

The Exorcism of Emily Rose उन हॉलीवुड फिल्मों में गिनी जाती है जिसने दुनियाभर के दर्शकों की चीखें निकलवा दी थी. यह फिल्म केवल एक काल्पनिक कहानी नहीं मानी जाती, बल्कि कहा जाता है की ये जर्मनी की युवती Anneliese Michel के असल जीवन पर आधारित है. उनकी रहस्यमयी मौत और झाड़ फूंक की घटनाएं आज भी लोगों के बीच बहस का विषय बनी हुई हैं.

जब एनालिस मिशल पर था 6 आत्माओं का साया

Anneliese Michel का जन्म साल 1952 में जर्मनी के एक धार्मिक ईसाई परिवार में हुआ था. बताया जाता है कि साल 1968 में जब वह 16 साल की थीं तब उनकी जिंदगी अचानक बदलने लगी. उन्होंने अजीब आवाजें सुनने और डरावने अनुभव होने की शिकायत करनी शुरू कर दी. धीरे धीरे उनकी हालत बिगड़ती चली गई. परिवार उन्हें डॉक्टरों के पास लेकर गया जहां उनकी बीमारी को Epilepsy यानी मिर्गी से जोड़कर देखा गया. कहा जाता है कि वह ठीक से खा नहीं पाती थीं, सो नहीं पाती थीं और लगातार मानसिक तनाव में रहती थीं. हालांकि परिवार को धीरे धीरे लगने लगा कि मामला केवल बीमारी का नहीं बल्कि किसी बुरी शक्ति का है.

छह आत्माओं का दावा

कई रिपोर्ट्स और चर्चाओं में दावा किया गया कि Anneliese Michel के शरीर पर छह शैतानी आत्माओं का कब्जा था. इनमें कथित तौर पर Adolf Hitler का नाम भी शामिल बताया गया. हालांकि इन दावों की कभी वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई और डॉक्टरों ने भी इसे स्वीकार नहीं किया. परिवार ने उनकी हालत सुधारने के लिए धार्मिक प्रक्रिया का सहारा लिया. बताया जाता है कि कई चर्चों में उनके ऊपर एक्सॉर्सिज्म यानी झाड़ फूंक की गई. रिपोर्ट्स के अनुसार करीब 67 बार यह प्रक्रिया दोहराई गई. इस दौरान उन्हें कई बार जंजीरों से बांधकर रखा जाता था क्योंकि वह हिंसक व्यवहार करने लगी थीं.

दिन पर दिन बिगड़ती गई मिशल की हालत

लगातार धार्मिक प्रक्रियाओं और खराब स्वास्थ्य के कारण उनकी शारीरिक हालत कमजोर होती चली गई. बताया जाता है कि वह कई बार खाना पीना भी छोड़ देती थीं और बेहद कमजोर हो गई थीं. करीब सात साल तक चले इस दर्दनाक दौर के बाद आखिरकार 1 जुलाई 1976 को 23 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई. Anneliese Michel की मौत के बाद यह मामला पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया. कुछ लोगों ने इसे मानसिक बीमारी का मामला बताया जबकि कुछ ने इसे पैरानॉर्मल घटना माना. डॉक्टरों और वैज्ञानिकों का मानना था कि उन्हें मानसिक और न्यूरोलॉजिकल बीमारी थी, जबकि कई धार्मिक लोग आज भी इसे बुरी आत्माओं का मामला मानते हैं.