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‘अपना समय बर्बाद न करें’, किस एक्ट्रेस ने दिया धुरंधर का ऐसा रिव्यू, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

बॉलीवुड की हालिया रिलीज फिल्म धुरंधर 2 को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. कन्नड़ एक्ट्रेस रम्या के तीखे रिव्यू ने फिल्म की कहानी, अभिनय और हिंसा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सोशल मीडिया पर इस बयान ने नई बहस छेड़ दी है.

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Babli Rautela

मुंबई: रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर 2 जहां एक तरफ बॉक्स ऑफिस पर चर्चा में बनी हुई है, वहीं दूसरी तरफ इस फिल्म को लेकर आलोचनाएं भी तेजी से सामने आ रही हैं. कन्नड़ एक्ट्रेस और पूर्व राजनेता रम्या ने सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर बेहद सख्त शब्दों में अपनी राय रखी है.

रम्या ने अपने पोस्ट में साफ कहा कि यह फिल्म दर्शकों के समय और पैसे की बर्बादी है. उन्होंने इसे एक ऐसी फिल्म बताया जो देखने के दौरान दर्शक खुद से सवाल करने लगते हैं कि आखिर वह इसे क्यों देख रहे हैं. उनका यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और फिल्म को लेकर नई बहस शुरू हो गई.

कन्नड़ एक्ट्रेस ने किया फिल्म का रिव्यू

रम्या ने फिल्म के हर पहलू को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि फिल्म का निर्देशन, संवाद, एडिटिंग और बैकग्राउंड म्यूजिक सब कुछ औसत स्तर का है. उनके मुताबिक फिल्म में वह ऊर्जा और जुड़ाव नहीं है जो पहले भाग में देखने को मिला था. उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म को देखकर ऐसा लगता है कि इसे जल्दबाजी में तैयार किया गया है. दर्शकों की प्रतिक्रिया भी उन्हें निराशाजनक लगी. रम्या के अनुसार थिएटर में मौजूद लोग फिल्म से जुड़ नहीं पा रहे थे और माहौल में निराशा साफ महसूस हो रही थी.

रणवीर सिंह की एक्टिंग पर भी कसा तंज

रम्या ने रणवीर सिंह के अभिनय पर भी सवाल उठाए. उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि फिल्म में उनकी मौजूदगी से ज्यादा उनके बाल नजर आते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पहले भाग में रणवीर का किरदार प्रभावशाली था लेकिन इस बार उनका प्रदर्शन उतना असरदार नहीं लगा. उनके इस बयान ने फैंस के बीच अलग अलग रिएक्शन पैदा कर दी हैं. कुछ लोग रम्या का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ इसे अनावश्यक आलोचना बता रहे हैं.

रम्या ने फिल्म में दिखाई गई हिंसा को लेकर भी कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि फिल्म में हर चीज को हथियार की तरह इस्तेमाल करते हुए दिखाया गया है, जो इसे असहज बनाता है. उनके मुताबिक फिल्म में हिंसा का स्तर इतना ज्यादा है कि वह मनोरंजन के बजाय अजीब अनुभव बन जाता है. साथ ही उन्होंने फिल्म पर एक खास तरह के संदेश को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया.