हॉलीवुड में टिकना आसान नहीं होता, लेकिन मेरिल स्ट्रीप ने यह साबित किया कि टैलेंट और मेहनत से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है. एक साधारण परिवार से निकलकर उन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी अभिनेत्रियों में अपनी जगह बनाई. शुरुआत में उन्हें कई रिजेक्शन झेलने पड़े, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. यही जिद उन्हें आज इस मुकाम तक लेकर आई.
अपने करियर की शुरुआत में मेरिल स्ट्रीप को एक बड़ा झटका तब लगा जब एक डायरेक्टर ने उन्हें “बदसूरत” कहकर रिजेक्ट कर दिया. यह घटना उनके लिए आसान नहीं थी, लेकिन उन्होंने उसी समय खुद को संभाला. उन्होंने जवाब दिया कि वह जैसी हैं, वैसी ही रहेंगी और यही उनकी ताकत है. यही आत्मविश्वास आगे चलकर उनकी पहचान बना.
मेरिल स्ट्रीप ने एक्टिंग को सिर्फ शौक नहीं, बल्कि गंभीरता से अपनाया. उन्होंने वासर कॉलेज से ड्रामा में पढ़ाई की और येल स्कूल ऑफ ड्रामा से मास्टर्स किया. थिएटर में काम करते हुए उन्होंने कई तरह के किरदार निभाए. इसने उनके अभिनय को और निखारा. उनकी यही ट्रेनिंग बाद में उनके शानदार करियर की नींव बनी.
1977 में फिल्म “जूलिया” से शुरुआत करने के बाद मेरिल ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. “द डियर हंटर” ने उन्हें पहला ऑस्कर नॉमिनेशन दिलाया. इसके बाद “क्रेमर वर्सेस क्रेमर” से उन्होंने अपना पहला ऑस्कर जीता. “सोफीज चॉइस” जैसी फिल्मों ने उन्हें नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया. उन्होंने हर किरदार में जान डाल दी.
मेरिल स्ट्रीप के नाम सबसे ज्यादा ऑस्कर नॉमिनेशन का रिकॉर्ड है. उन्हें 20 से ज्यादा बार नॉमिनेट किया गया और 3 बार ऑस्कर अवॉर्ड भी मिला. इसके अलावा उन्होंने कई गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड भी जीते. यह उपलब्धियां बताती हैं कि वह कितनी बड़ी कलाकार हैं. उनकी हर फिल्म में अलग अंदाज देखने को मिलता है.
मेरिल स्ट्रीप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह हर किरदार को पूरी तरह जीती हैं. चाहे “द आयरन लेडी” में मार्गरेट थैचर का रोल हो या “द डेविल वियर्स प्राडा” में विलेन का किरदार, उन्होंने हर बार दर्शकों को चौंकाया. उनकी एक्टिंग में गहराई और विविधता दोनों दिखाई देती है.
2017 के गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स में मेरिल स्ट्रीप ने एक ऐसा भाषण दिया, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया. उन्होंने मंच से तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना की. उन्होंने कहा कि ताकतवर लोग जब कमजोरों का मजाक उड़ाते हैं, तो समाज पर गलत असर पड़ता है. उनके इस बयान की दुनियाभर में चर्चा हुई.
मेरिल स्ट्रीप को 2014 में अमेरिका का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान “प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम” दिया गया. यह सम्मान उन्हें तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने दिया था. यह उनकी उपलब्धियों का बड़ा प्रमाण है. उन्होंने अपने करियर में कई ऐसे मुकाम हासिल किए, जो बहुत कम लोग कर पाते हैं.
76 साल की उम्र में भी मेरिल स्ट्रीप का जादू कम नहीं हुआ है. वह आज भी फिल्मों में सक्रिय हैं और नए प्रोजेक्ट्स में नजर आ रही हैं. उनकी आने वाली फिल्म “द डेविल वियर्स प्राडा 2” को लेकर भी काफी चर्चा है. इससे साफ है कि उनका स्टारडम अभी भी बरकरार है.
मेरिल स्ट्रीप की कहानी हर उस इंसान के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को पूरा करना चाहता है. उन्होंने यह दिखाया कि आलोचना और असफलता सिर्फ रास्ते का हिस्सा हैं. असली सफलता वही पाता है, जो कभी हार नहीं मानता. मेरिल आज भी उसी जज्बे के साथ आगे बढ़ रही हैं.