'वो खुदकुशी नहीं...', सुशांत सिंह राजपूत की मौत के 6 साल बाद भी दर्द से नहीं उभरे छिछोरे फिल्म के को-एक्टर
सुशांत सिंह राजपूत की मौत ने खबर ने हर किसी को हिल कर रख दिया था. छिछोरे में साथ काम कर चुके एक्टर शिशिर शर्मा ने कहा है कि उन्हें आज भी यह मानना मुश्किल लगता है कि सुशांत ने आत्महत्या की थी.
मुंबई: दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत को दुनिया छोड़े लगभग 6 साल हो चुके हैं. लेकिन आज भी उनके चाहने वालों और साथ काम कर चुके कलाकारों के दिलों में उनकी यादें आज भी ताजा हैं. अब फिल्म छिछोरे में उनके साथ नजर आए एक्टर शिशिर शर्मा ने सुशांत को लेकर एक भावुक बयान दिया है जो चर्चा का विषय बन गया है. हाल ही में एक बातचीत के दौरान शिशिर शर्मा ने कहा कि उन्हें आज भी यह विश्वास करना मुश्किल लगता है कि सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या की थी. उनके मुताबिक सुशांत एक समझदार, संतुलित और अपने काम को गंभीरता से लेने वाले व्यक्ति थे.
सुशांत को बताया बेहद सुलझा हुआ इंसान
इंटरव्यू में जब शिशिर शर्मा से पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि सुशांत ने आत्महत्या की थी. इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से ऐसा मानने में कठिनाई महसूस करते हैं. उन्होंने कहा कि सुशांत उन्हें हमेशा एक बहुत ही सुलझे हुए और विचारशील इंसान लगे. उनके मुताबिक वह ऐसे व्यक्ति नहीं थे जो आसानी से हार मान लें या जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला कर लें. हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि अब इस मामले में वह कोई निष्कर्ष नहीं निकालना चाहते और सिर्फ अपनी भावनाएं साझा कर रहे हैं.
खबर सुनकर नहीं रोक पाए थे आंसू
शिशिर शर्मा ने उस दिन को भी याद किया जब उन्हें पहली बार सुशांत के निधन की खबर मिली थी. उन्होंने बताया कि यह खबर उनके लिए बहुत बड़ा झटका थी. उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ कि इतना शानदार एक्टर अचानक इस दुनिया को छोड़ सकता है. उन्होंने कहा कि वह अपने आंसू नहीं रोक पाए थे और इस दुख को स्वीकार करने में उन्हें काफी समय लगा. बातचीत के दौरान शिशिर शर्मा ने सुशांत के अभिनय की भी खुलकर सराहना की. उन्होंने कहा कि सुशांत ने अपने करियर में लगातार शानदार प्रदर्शन किया. चाहे फिल्म छिछोरे हो या फिर M.S. Dhoni: The Untold Story हर भूमिका में उन्होंने अपनी अलग छाप छोड़ी है.
सुशांत सिंह राजपूत की मौत
14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत अपने मुंबई घर में मृत पाए गए थे. इस खबर ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सांस रुकना बताया गया था. जांच एजेंसियों द्वारा की गई पड़ताल में आत्महत्या की संभावना जताई गई थी. इसके बाद मामला काफी समय तक राष्ट्रीय बहस का विषय बना रहा और कई एजेंसियों ने अलग अलग पहलुओं से जांच की.