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'रघुपति राघव राजा राम' गाने पर क्यों मचा बवाल, माफी मांगने पर मजबूर हुईं भोजपुरी सिंगर देवी

देवी ने मंच पर महात्मा गांधी का पसंदीदा भजन 'रघुपति राघव राजा राम' गाना शुरू किया, लेकिन जैसे ही उन्होंने भजन की 'ईश्वर अल्लाह तेरो नाम' लाइन गाई, कुछ दर्शकों ने इस पर आपत्ति जताई. यह आपत्ति 'हिंदू पुत्र संगठन' के कुछ सदस्यों ने उठाई, जिन्होंने इस लाइन को लेकर हंगामा खड़ा कर दिया

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Edited By: Babli Rautela
'रघुपति राघव राजा राम' गाने पर क्यों मचा बवाल, माफी मांगने पर मजबूर हुईं भोजपुरी सिंगर देवी
Courtesy: Social Media

Bhojpuri Singer Devi: भोजपुरी लोक सिंगर देवी को बिहार में हुए एक कार्यक्रम के दौरान अपने प्रदर्शन के दौरान एक विवाद का सामना करना पड़ा. यह कार्यक्रम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था, जिसमें देवी को भी एक प्रदर्शन करने का मौका मिला.

'रघुपति राघव राजा राम' भजन पर विवाद

देवी ने मंच पर महात्मा गांधी का पसंदीदा भजन 'रघुपति राघव राजा राम' गाना शुरू किया, लेकिन जैसे ही उन्होंने भजन की 'ईश्वर अल्लाह तेरो नाम' लाइन गाई, कुछ दर्शकों ने इस पर आपत्ति जताई. यह आपत्ति 'हिंदू पुत्र संगठन' के कुछ सदस्यों ने उठाई, जिन्होंने इस लाइन को लेकर हंगामा खड़ा कर दिया. इस पर देवी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'मैं स्तब्ध हूं. मैं महात्मा गांधी का पसंदीदा भजन गा रही थी, जो एक सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने वाला है. इस कार्यक्रम में बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा और केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे जैसे भाजपा के बड़े नेता भी मौजूद थे.' 

देवी के मुताबिक, हंगामा बढ़ने पर मंच पर मौजूद नेताओं को यह स्थिति संभालने में कठिनाई हुई और कुछ नेताओं ने देवी से माफी मांगने का आग्रह किया. देवी ने स्थिति को और बिगड़ने से बचाने के लिए माफी मांगी. उन्होंने कहा, 'मुझे माफी मांगने के लिए कहा गया क्योंकि मैं नहीं चाहती थी कि स्थिति और बिगड़े. लेकिन अब मुझे लगता है कि उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए जिन्होंने वहां अराजकता फैलाने की कोशिश की.'

देवी का अपमान और धमकियां

देवी ने यह भी कहा कि उन्हें अब धमकियां मिल रही हैं और यह पूरी घटना महिलाओं का अपमान है. उन्होंने कहा, 'यह घटना शर्मनाक है, खासकर उस दिन जब हम अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती मना रहे थे, जो सभी समुदायों को एक साथ लाने वाले नेता थे.'

इस घटना पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी रिएक्ट किया. उन्होंने सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो शेयर करते हुए कहा, 'वे दुनिया को दिखाने के लिए बापू को फूल चढ़ाते हैं लेकिन असल में उनके मन में उनके लिए कोई सम्मान नहीं है. वे दिखावे के लिए बाबासाहेब अंबेडकर का नाम लेते हैं लेकिन असल में उनका अपमान करते हैं. भाजपा हमारी सहिष्णु और समावेशी संस्कृति से इतनी नफरत करती है कि वे हमारे महापुरुषों का बार-बार अपमान करती है.'