महाराष्ट्र SSC पेपर लीक विवाद: 10वीं बोर्ड परीक्षा से पहले ही व्हाट्सएप पर प्रश्न पत्र सर्कुलेट? जानिए सच
महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एजुकेशन (MSBSHSE) ने कक्षा 10वीं की परीक्षाओं में पेपर लीक की खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है.
महाराष्ट्र में चल रही 10वीं बोर्ड परीक्षाओं के बीच पेपर लीक का विवाद गरमाया हुआ है. सोशल मीडिया पर व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स में प्रश्नपत्रों के स्क्रीनशॉट घूमने से लाखों छात्र-छात्राओं और उनके माता-पिता चिंतित हो उठे. बोर्ड ने बार-बार स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई लीक नहीं हुई. सचिव डॉ. दीपक माली ने कहा कि जांच में परीक्षा से पहले कोई सबूत नहीं मिला. यह मामला छात्रों की मेहनत और परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है, लेकिन बोर्ड सख्त रुख अपनाए हुए है.
अफवाहों का केंद्र बना व्हाट्सएप ग्रुप
एक 50 सदस्यीय व्हाट्सएप ग्रुप में भूगोल पेपर के इमेज परीक्षा शुरू होने से ठीक मिनटों पहले शेयर होने की बात सामने आई. छात्रों में घबराहट फैल गई. बोर्ड ने जांच के बाद कहा कि ये अफवाहें गलत हैं. कई मामलों में पेपर परीक्षा खत्म होने के बाद अपलोड किए गए थे. कुछ लोग प्राइवेट मैसेज से 600 रुपये मांगकर फर्जी पेपर देने का दावा कर रहे थे, जो स्कैम साबित हुआ.
सोलापुर में हुई चोरी की घटना
सोलापुर जिले के सांगोला में एक स्कूल के स्ट्रॉन्ग रूम से परीक्षा से एक दिन पहले 50 भूगोल प्रश्नपत्र चुरा लिए गए. चोर ताला तोड़कर भाग निकले. बोर्ड ने तुरंत जांच शुरू की और कहा कि पेपर छात्रों तक नहीं पहुंचे, इसलिए परीक्षा रद्द नहीं हुई. पुलिस और शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन कोई लीक का सबूत नहीं मिला.
बोर्ड का सख्त रुख और ब्लैकलिस्टिंग
MSBSHSE ने अनियमितताओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है. 2026 सेशन के लिए 107 परीक्षा केंद्रों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है, जहां पहले भी गड़बड़ियां हुई थीं. बोर्ड ने कहा कि ऐसी हरकतों पर कड़ी कार्रवाई होगी. छात्रों से अपील की गई कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पढ़ाई पर फोकस करें.
टेलीग्राम पर फर्जी ग्रुप्स का खेल
कई टेलीग्राम ग्रुप जैसे 'महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड 2026 पेपर' में लीक का दावा किया गया, लेकिन जांच में पाया गया कि मैथ्स या अन्य पेपर परीक्षा के बाद अपलोड हुए. कुछ ग्रुप्स में पैसे लेकर पेपर देने का लालच दिया जा रहा था. बोर्ड ने पुलिस से शिकायत की और कहा कि ये छात्रों को ठगने का तरीका है.
छात्रों की चिंता और बोर्ड का आश्वासन
करीब 16 लाख छात्रों की परीक्षाएं चल रही हैं, ऐसे में लीक की खबरों से तनाव बढ़ा. बोर्ड ने बार-बार आश्वासन दिया कि परीक्षा निष्पक्ष है और कोई बदलाव नहीं होगा. अधिकारी कहते हैं कि सिस्टम मजबूत है, लेकिन सोशल मीडिया की अफवाहें जल्दी फैलती हैं. छात्रों को सलाह है कि आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करें.