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दिल्ली-NCR में फिर से स्कूल खुल गए, जहरीली हवा में पढ़ाई से पेरेंट्स-टीचर्स में भी चिंता

दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता में हल्का सुधार होने के बाद कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए स्कूल ऑफलाइन खुल गए हैं. GRAP स्टेज-3 की पाबंदियां हटाई गईं.

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Edited By: Reepu Kumari
दिल्ली-NCR में फिर से स्कूल खुल गए, जहरीली हवा में पढ़ाई से पेरेंट्स-टीचर्स में भी चिंता
Courtesy: Grok

दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता में थोड़ा सुधार होने के बाद 27 नवंबर से कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए स्कूल फिर से ऑफलाइन शुरू हो गए हैं. CAQM ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) स्टेज-3 की पाबंदियां हटा दी हैं. हालांकि हवा की स्थिति में सुधार आया है, लेकिन AQI अभी भी ‘खराब’ और ‘बहुत खराब’ कैटेगरी के बीच बना हुआ है. ऐसे में बच्चों की सेहत और स्कूल आने-जाने को लेकर पेरेंट्स और टीचर्स में मिश्रित प्रतिक्रियाएं हैं.

कुछ पेरेंट्स मानते हैं कि पढ़ाई को जारी रखना जरूरी है. ऑनलाइन और ऑफलाइन क्लास के बीच बार-बार बदलाव बच्चों के फोकस को प्रभावित कर रहा है. वहीं, स्वास्थ्य के लिहाज से बच्चे प्रदूषित हवा में लंबे समय तक रहने से अस्थमा या सांस संबंधी बीमारियों का खतरा उठा सकते हैं. इस बीच स्कूल और प्रशासन बच्चों की सुरक्षा के लिए सतर्कता बढ़ा रहे हैं.

AQI में सुधार

स्कूल खुलने के बाद पेरेंट्स और टीचर्स बच्चों की सेहत को लेकर चिंतित हैं. कई अभिभावकों का कहना है कि AQI में सुधार दिखने के बावजूद हवा में जहरीली गंध महसूस होती है. बच्चों के रोजाना आने-जाने से उन्हें खांसी और सांस की तकलीफ हो रही है. नोएडा की ममता अग्रवाल का कहना है कि स्कूल खोलने का फैसला जल्दी किया गया, जबकि हवा में प्रदूषण अभी भी बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरा है.

ऑफलाइन और ऑनलाइन पढाई मुश्किल

टीचर्स भी ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों मोड संभालने में मुश्किल महसूस कर रहे हैं. छोटे बच्चे मास्क पहनना भूल जाते हैं या ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पाते. इससे लंबे समय तक प्रदूषित हवा के संपर्क में रहने का खतरा बना रहता है. टीचर्स का कहना है कि यह चुनौती पढ़ाई की गति और बच्चों के सीखने की समानता को प्रभावित करती है.

बच्चों को भेजने के लिए मजबूर

वर्किंग पेरेंट्स को भी स्कूल खोलने से राहत मिली है. कई वर्किंग मदर्स बच्चों को भेजने के लिए मजबूर हैं. गिन्नी भंडारी ने बताया कि ऑनलाइन क्लास बच्चों के साथ न्याय नहीं कर पाती. साथ ही उन्होंने सरकार और लोगों से प्रदूषण कम करने की जवाबदेही बढ़ाने की मांग की.

ऑफलाइन क्लास जरूरी

एग्जाम के दबाव और सिलेबस को समय पर पूरा करने की वजह से ऑफलाइन क्लास जरूरी है. DAV स्कूल के पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास शर्मा ने बताया कि यूनिट टेस्ट और प्री-बोर्ड शुरू हैं, इसलिए ऑफलाइन क्लास न हो तो सिलेबस पूरा करना मुश्किल हो जाएगा.

दिल्ली पेरेंट्स एसोसिएशन (DPA) ने स्कूल खुलने का समर्थन किया है, लेकिन सतर्क रहने की जरूरत बताई. प्रेसिडेंट अपराजिता गौतम ने कहा कि एजुकेशन और हेल्थ के बीच संतुलन जरूरी है. उन्होंने मास्क अनिवार्य करने, बाहर की गतिविधियों को सीमित करने और लगातार निगरानी जैसी सुरक्षा उपाय लागू करने पर जोर दिया.