कल है CBSE कक्षा 12वीं केमिस्ट्री बोर्ड परीक्षा, अंतिम घंटों में इन टिप्स को करें फॉलो; फुल मार्क्स लाना होगा चुटकी का खेल

सीबीएसई कक्षा 12 की रसायन विज्ञान परीक्षा 28 फरवरी 2026 को होनी है. शिक्षकों के अनुसार अंतिम समय में न्यूमेरिकल में सभी चरण दिखाएं, ऑर्गेनिक कन्वर्जन में मध्यवर्ती न छोड़ें, इकाइयां जरूर लिखें और IUPAC नामकरण सही रखें.

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Reepu Kumari

नई दिल्ली: कल यानी 28 फरवरी को सीबीएसई कक्षा 12 के लाखों छात्र रसायन विज्ञान की बोर्ड परीक्षा में बैठेंगे.  रातों-रात रिवीजन के बीच कई बच्चे घबराहट और छोटी-छोटी गलतियों से अंक गंवा बैठते हैं. अनुभवी शिक्षक और परीक्षक बताते हैं कि अंतिम घंटों में कुछ बेसिक लेकिन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखने से आप फुल मार्क्स आसानी से ला पाएंगे. न्यूमेरिकल, ऑर्गेनिक कन्वर्जन, नामकरण और केस स्टडी जैसे सेक्शन में सही तरीका अपनाना बहुत जरूरी है. साथ ही परीक्षा हॉल में शांत और संयमित रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है. आइए जानते हैं वो अंतिम टिप्स जो आपके स्कोर को बेहतर बना सकते हैं. 

न्यूमेरिकल और गणना के लिए स्मार्ट तरीका

संख्यात्मक प्रश्नों में हमेशा क्रम बनाए रखें – पहले दिया गया डेटा लिखें, फिर सूत्र, उसके बाद प्रतिस्थापन और अंत में इकाई सहित उत्तर.  गणना के हर चरण को स्पष्ट दिखाएं क्योंकि स्टेप मार्किंग होती है.  इकाई न लिखने से अक्सर 1-2 अंक कट जाते हैं. अगर कैलकुलेशन में गलती भी हो तो सही तरीके से लिखे चरणों से आंशिक अंक मिल जाते हैं. 

ऑर्गेनिक कन्वर्जन में कोई चूक न करें

कार्बनिक रूपांतरण के प्रश्नों में सभी मध्यवर्ती उत्पाद जरूर दिखाएं. तीर के ऊपर अभिकर्मक और शर्तें स्पष्ट लिखें.  मध्यवर्ती छोड़ देने से पूरा अंक कट सकता है. अभिक्रिया का सही नाम (जैसे नाइट्रेशन, हैलोजनेशन) और जहां जरूरी हो वहां घुमावदार तीरों से इलेक्ट्रॉन गति दिखाएं. कार्बोकैटायन की स्थिरता का जिक्र करने से अतिरिक्त अंक मिल सकते हैं. 

नामकरण और समन्वय यौगिकों का ध्यान

समन्वय यौगिकों के नामकरण में लिगेंड को वर्णमाला क्रम में लिखें, फिर धातु का नाम और ऑक्सीकरण अवस्था रोमन अंकों में ब्रैकेट में.  गलत IUPAC क्रम या गलत ज्यामिति (जैसे वर्गाकार समतलीय की जगह चतुष्फलकीय लिखना) से अंक कटते हैं. ऑक्सीकरण संख्या लिखते समय सही चिह्न (+ या -) का ध्यान रखें. 

केस स्टडी और वैचारिक प्रश्न

केस स्टडी में दिए गए अनुच्छेद को दो-तीन बार ध्यान से पढ़ें. ज्यादातर उत्तर पैसेज में ही छिपे होते हैं. लैंथानॉइड संकुचन के कारण, प्रभाव और d/f ब्लॉक के वैचारिक प्रश्नों पर फोकस करें. पाठ्यपुस्तक से ही ऐसे प्रश्न आते हैं. अनावश्यक लंबे पैराग्राफ न लिखें, बिंदुओं में संक्षिप्त और स्पष्ट उत्तर दें. 

परीक्षा हॉल में मनोवैज्ञानिक तैयारी

अगर कोई प्रश्न मुश्किल लगे तो घबराएं नहीं.  पहले पूरा पेपर पढ़ लें और आसान सवाल पहले हल करें. आंतरिक विकल्प का सही इस्तेमाल करें.  उत्तर सुव्यवस्थित रखें – अच्छी हैंडराइटिंग और स्पेसिंग से परीक्षक पर सकारात्मक असर पड़ता है. जो पूछा गया है, सिर्फ वही लिखें, एक्स्ट्रा जानकारी मत ठूंसें. शांत दिमाग से पेपर हल करने पर बेहतर परिणाम मिलते हैं.