मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव को लेकर किसी को भी अंदाजा नहीं था कि ट्रंप बैक फुट पर आएंगे. उन्होंने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, हालांकि उसके पूरा होने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सुर बदल गए. ट्रंप के इस स्टेप के बारे में किसी को पता नहीं था. जिसके कारण तेल के दाम तेजी से बढ़ रहे थे. हालांकि तभी कोई थी जो बाजार के पूरे खेल को समझ रहा था.
ट्रंप के ऐलान से ठीक पहले पहले वैश्विक बाजारों में अचानक भारी उछाल आया. जिसके कारण किसी मिस्ट्री ट्रेडर को केवल 20 मिनट में लगभग 840 करोड़ रुपये से ज्यादा का मुनाफा हो गया. हालांकि कुछ जानकार इसे संदिग्ध चेन रिएक्शन बता रहे हैं. लेकिन मामले की जांच की जा रही है.
न्यूयॉर्क समय के अनुसार सोमवार को सुबह करीब 6:50 बजे अगर भारतीय समय के हिसाब से समझें तो शाम 4:20 बजे CME पर S&P 500 ई-मिनी फ्यूचर्स में अचानक वॉल्यूम बढ़ गया. इसी के साथ तेल बाजार भी हलचल दिखी. हालांकि इस समय पर लोगों को अब भी अचंभा है. क्योंकि आमतौर पर बाजार खुलने से पहले ट्रेडिंग शांत रहती है और लिक्विडिटी कम होती है, लेकिन इस बार अचानक भारी सौदे हुए. इसके लगभग 20 मिनट बाद डोनाल्ड ट्रंप ने सुबह 7:05 बजे ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा कि अमेरिका और ईरान के बीच अच्छी बातचीत के बाद ईरान के पावर प्लांट और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले को पांच दिन के लिए रोक दिया गया है. हालांकि उनके इस पोस्ट आने से पहले यह सौदा हो चुका था.
हेज फंड मैनेजर मैट विलियम ने X पर लिखा कि 25 साल से बाजार देख रहा हूं, यह बहुत असामान्य पैटर्न है. हालांकि अब तक इसपर कोई बड़ी आर्थिक खबर या फेडरल रिजर्व ने टिप्पणी नहीं की है. अभी तक अमेरिकी सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन ने कोई टिप्पणी नहीं की है. हाल के हफ्तों में अमेरिकी सरकार की बड़ी घोषणाओं से ठीक पहले ऐसे बड़े सौदे देखे गए हैं. उदाहरण के लिए, पॉलीमार्केट पर एक यूजर ने वेनेजुएला पर हमले की शर्त लगाई थी, जो मादुरो की गिरफ्तारी से ठीक पहले थी. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने कहा कि ट्रंप प्रशासन किसी भी अंदरूनी जानकारी के गैरकानूनी इस्तेमाल को बर्दाश्त नहीं करेगा. इस घटना ने एक बार फिर से इनसाइडर ट्रेडिंग पर सवाल उठ रहे हैं, हालांकि कोई ठोस सबूत नहीं मिला है.