पुडुचेरी विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं. कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल डीएमके ने अपनी उम्मीदवार सूची जारी कर दी है. पार्टी को कुल 14 सीटें मिली थीं, लेकिन उसमें से एक सीट वीकेसी को दे दी गई है. शेष 13 सीटों पर डीएमके के उम्मीदवार घोषित कर दिए गए हैं. सीट बंटवारे को लेकर काफी लंबी बातचीत चली थी. एक समय डीएमके को सभी 30 सीटों पर नामांकन भरने का निर्देश भी दिया गया था, लेकिन अंत में समझौता हो गया.
डीएमके ने पुडुचेरी की 13 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है. पार्टी ने शिवा को विल्लियनूर सीट, एस.एस. रंगन को मंगलम सीट और अंगलन को तिरुभुवनई सीट से चुनाव लड़ाने का फैसला किया है. इसी तरह आर.आर. सेंथिलकुमार पगुर, संपत मुदलियारपेट और अनिबल कैनेडी उप्पलम सीट से मैदान में उतरेंगे. कराईकल दक्षिण से नाजिम और नागथियाकरजन को भी टिकट दिया गया है. पार्टी ने बाकी सीटों पर भी मजबूत उम्मीदवार उतारे हैं.
कांग्रेस गठबंधन में डीएमके को 14 सीटें आवंटित की गई थीं. लेकिन वीकेसी की मांग को देखते हुए डीएमके ने अपनी एक सीट उझावरकराई वीकेसी को दे दी है. इससे पहले वीकेसी ने कांग्रेस से सीटें मांगी थीं, लेकिन जब उन्हें कोई सीट नहीं मिली तो थिरुमावलवन ने तीन सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी थी. अंत में डीएमके ने समझौता करते हुए उन्हें एक सीट सौंपी.
पुडुचेरी में कांग्रेस और डीएमके के बीच सीट बंटवारे को लेकर काफी देर तक बातचीत चली. एक समय विवाद इतना बढ़ गया कि डीएमके को सभी 30 सीटों पर नामांकन दाखिल करने का निर्देश दे दिया गया था. कांग्रेस 16 सीटों पर और डीएमके 14 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. वीकेसी द्वारा लगातार सीटों की मांग करने के बावजूद कांग्रेस ने उन्हें सीट नहीं दी, जिसके बाद डीएमके ने वीकेसी को अपनी एक सीट देकर गठबंधन को मजबूत रखा.
पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को होंगे और मतगणना 4 मई को होगी. डीएमके ने उम्मीदवारों की सूची जारी करके अपनी तैयारी तेज कर दी है. पार्टी अब इन उम्मीदवारों के साथ पूरे जोर-शोर से प्रचार में जुट जाएगी. गठबंधन के बीच हुए समझौते से कांग्रेस-डीएमके गठबंधन की ताकत बढ़ी है, लेकिन वीकेसी को एक सीट मिलने से स्थानीय स्तर पर राजनीतिक समीकरण भी प्रभावित होंगे. अब देखना होगा कि यह गठबंधन कितनी सफलता हासिल कर पाता है.