मुंबई: भारतीय शेयर बाजार के लिए 1 जुलाई 2026 का दिन काफी शानदार रहा. आज बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही बड़े उछाल के साथ बंद हुए. इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा हाथ ऑटोमोबाइल और FMCG बनाने वाली कंपनियों के शेयरों का रहा. करीब 12 बजे सेंसेक्स 536 अंक की तेजी के साथ 77,015 पर ट्रेड कर रहा था.
वहीं निफ्टी भी करीब 160 अंक चढ़कर 24,025 के स्तर पर पहुंच गया जो कि 24,000 का एक बेहद महत्वपूर्ण आंकड़ा माना जाता है. बाजार का माहौल पूरी तरह पॉजिटिव था. करीब 2,200 से ज्यादा कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ हरे निशान पर थे जबकि सिर्फ 1,300 शेयरों में गिरावट देखी गई.
जून महीने में गाड़ियों की बिक्री के शानदार आंकड़े आने के बाद ऑटो सेक्टर में जबरदस्त तेजी आई.
महिंद्रा एंड महिंद्रा- कंपनी के शेयरों में लगभग 3% का उछाल आया क्योंकि जून में इनकी गाड़ियों की बिक्री 37% बढ़कर 1.06 लाख यूनिट्स के पार पहुंच गई थी.
दिग्गज कंपनियों में बढ़त- निफ्टी की बड़ी कंपनियों जैसे नेस्ले इंडिया, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाइटन और बजाज ऑटो के शेयर भी करीब 2-2% तक मजबूत हुए. डाबर इंडिया में भी 4% की बढ़त देखी गई.
स्मॉल-कैप और मिड-कैप- छोटे और मझोले शेयरों में भी 0.3% से 0.6% तक की तेजी रही.
ब्रोकरेज फर्म HSBC के मुताबिक जून तिमाही में उपभोक्ता सामान बनाने वाली कंपनियों की ग्रोथ अच्छी रहने की उम्मीद है. हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि अगर मानसून कमजोर रहा, तो आगे चलकर ग्रामीण इलाकों में मांग पर थोड़ा असर पड़ सकता है. हालांकि बाजार में आज तेजी के बावजूद कुछ सेक्टर्स और शेयरों में आज गिरावट का रुख रहा.
मेटल और एनर्जी: धातु, ऊर्जा और सरकारी बैंकों के इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे. जेएसडब्ल्यू स्टील और हिंडाल्को के शेयर 1-1% टूट गए.
आईटी और फाइनेंस: टेक महिंद्रा और बजाज फिनसर्व के शेयरों में करीब 2% की गिरावट आई.
सबसे बड़ी गिरावट: निफ्टी 200 की कंपनी KPIT टेक्नोलॉजीज का शेयर अचानक 14% से ज्यादा टूट गया. कंपनी ने चेतावनी दी है कि यूरोप की कुछ बड़ी ऑटो कंपनियों की खराब आर्थिक स्थिति के चलते जून तिमाही में उनके रेवेन्यू और मुनाफे पर बुरा असर पड़ सकता है.
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 73 डॉलर प्रति बैरल के आस-पास स्थिर रहीं, जिससे भारतीय बाजार को सपोर्ट मिला. हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव के चलते बाजार में थोड़ी सतर्कता भी देखी जा रही है.
विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 23,800 से 23,900 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट का काम करेगा. अगर निफ्टी 24,200 के पार निकलता है, तो बाजार में बड़ी खरीदारी आ सकती है.