1 जुलाई से पेट्रोल और डीजल को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लागू कर दिया है. सरकार ने ईंधन के निर्यात पर लगने वाले विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) में संशोधन किया है. हालांकि, देश के आम उपभोक्ताओं के लिए घरेलू पेट्रोल और डीजल की एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसके साथ ही औद्योगिक, वाणिज्यिक और संस्थागत उपभोक्ताओं के लिए ईंधन खरीद पर लगाए गए प्रतिबंध भी हटा दिए गए हैं. अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सरकार के इस फैसले पर सभी की नजर बनी हुई है.
वित्त मंत्रालय के नए आदेश के अनुसार 1 जुलाई से पेट्रोल के निर्यात पर 4 रुपये प्रति लीटर और डीजल के निर्यात पर 8.5 रुपये प्रति लीटर का विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लागू रहेगा. एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर यह शुल्क 7.5 रुपये प्रति लीटर तय किया गया है. यह बदलाव अगले पखवाड़े के लिए लागू किया गया है.
सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश के भीतर बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यानी आम उपभोक्ताओं को फिलहाल ईंधन की कीमतों में इस फैसले का सीधा असर देखने को नहीं मिलेगा. खुदरा दरें पहले की तरह ही लागू रहेंगी.
दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर है. मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये है. वहीं चेन्नई में पेट्रोल 107.76 रुपये और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है.
1 जुलाई से औद्योगिक, व्यावसायिक और संस्थागत उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल खरीद पर लगाए गए प्रतिबंध भी समाप्त कर दिए गए हैं. ये पाबंदियां पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के चलते अस्थायी तौर पर लगाई गई थीं. अब सामान्य आपूर्ति व्यवस्था बहाल होने के बाद इन्हें हटा दिया गया है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है. अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत तथा पश्चिम एशिया की स्थिति पर बाजार की नजर बनी हुई है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम के आधार पर ईंधन की कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है, हालांकि फिलहाल घरेलू बाजार में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं.