निवेश की दुनिया में अक्सर 'आंखें बंद करके भरोसा' करने वाले ही सबसे बड़ा नुकसान उठाते हैं. पैसे बनाने के गुरु मंत्र देने वाले मशहूर लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने भी अब निवेशकों को आगाह करते हुए एक ऐसी चेतावनी दी है जो हवा के रुख के साथ बहने वालों की आंखें खोल देगी.
गौरतब है कि मशहूर किताब 'रिच डैड पुअर डैड' के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी सोशल मीडिया पर अपने अनोखे निवेश सुझावों के लिए जाने जाते हैं. वे अक्सर लोगों को सोना, चांदी और बिटकॉइन में निवेश करने की सलाह देते हैं लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आई उनकी हालिया पोस्ट ने सबको हैरान कर दिया है. इस बार उन्होंने अपने फॉलोअर्स को सतर्क रहने और किसी भी निवेश पर अंधा भरोसा न करने की सलाह दी है.
कियोसाकी ने कहा कि लोगों को उन फाइनेंशियल प्लानर्स की बातों में आकर अमेरिकी सरकारी बॉन्ड को पूरी तरह सुरक्षित नहीं मान लेना चाहिए जो इसे बिना जोखिम का बताते हैं. कियोसाकी के अनुसार दुनिया में कोई भी निवेश 100% जोखिम-मुक्त नहीं होता इसलिए पैसे लगाने से पहले खुद रिसर्च करना सबसे जरूरी है.
हैरानी की बात यह है कि उन्होंने सोना, चांदी और बिटकॉइन को लेकर भी चेतावनी दी है. लंबे समय से इन संपत्तियों का समर्थन करने के बावजूद कियोसाकी ने कहा कि सिर्फ बाजार के शोर-शराबे, अफवाहों या सोशल मीडिया के हाइप को देखकर इनमें पैसा लगाना खतरनाक हो सकता है. अगर आप बाजार की समझ और कीमतों के घटने-बढ़ने की वजह जाने बिना निवेश करते हैं तो आपको बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है.
कियोसाकी का मानना है कि इस समय निवेशकों को वैश्विक अर्थव्यवस्था में पैसों के फ्लो पर पैनी नजर रखनी चाहिए. उन्होंने उदाहरण दिया कि जापान और चीन जैसे बड़े देशों ने अमेरिकी बॉन्ड में अपना निवेश कम कर दिया है और लगातार सोना खरीद रहे हैं. बड़े देशों के ये कदम आने वाले समय में बाजार के रुख को समझने के लिए बड़े सुराग दे सकते हैं.
फाइनेंस एक्सपर्ट ने लोगों को सलाह दी है कि वे विशेषज्ञों या भेड़चाल के पीछे भागने के बजाय खुद सोचें. उन्होंने कहा कि इंसान की सबसे बड़ी ताकत उसका अपना दिमाग और जानकारी को समझने की क्षमता है. समझदारी और सही एनालिसिस से ही बेहतर फैसले लिए जा सकते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि हाल के सालों में सोने ने पारंपरिक सेविंग्स के मुकाबले बहुत बेहतरीन रिटर्न दिया है यही वजह है कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंक बॉन्ड घटाकर सोने का रिजर्व बढ़ा रहे हैं. कुल मिलाकर उनकी सीख साफ है हाइप से बचें और बाजार की बुनियाद को समझकर ही निवेश करें.