मुंबई: शेयर बाजार में जहां एक तरफ चौतरफा गिरावट से हाहाकार मच गया है तो वहीं दूसरी तरफ आईटी सेक्टर के शेयरों ने ऐसी तूफानी रफ्तार पकड़ी है कि हर कोई हैरान है. मंदी के बादलों को चीरकर इंफोसिस और टीसीएस जैसी कंपनियों ने निवेशकों के चेहरों पर एक बार फिर रौनक लौटा दी है.
भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से आईटी सेक्टर में गजब की तेजी देखने को मिल रही है जिससे उम्मीद जगने लगी है कि क्या आईटी कंपनियों के बुरे दिन अब खत्म होने वाले हैं? मंगलवार को निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 4% की भारी बढ़त के साथ 30000 के बेहद अहम स्तर को पार कर गया जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है.
अगर पिछले पांच दिनों का हिसाब देखें तो निफ्टी आईटी इंडेक्स ने करीब 6% की शानदार छलांग लगाई है जबकि इसी दौरान पूरे बाजार का प्रतिनिधित्व करने वाला 'निफ्टी 50' 2% से ज्यादा टूट गया है. वहीं पिछले एक महीने में जहां मुख्य इंडेक्स 3% से ज्यादा गिरा है वहीं आईटी इंडेक्स ने लगभग 7% का दमदार रिटर्न दिया है.
हालांकि अगर लंबी अवधि की तस्वीर देखें तो अभी भी थोड़ा मिला-जुला असर है. इस हालिया तेजी के बावजूद आईटी इंडेक्स पिछले छह महीनों में लगभग 17% और इस साल की शुरुआत से करीब 18% नीचे चल रहा है. इससे साफ है कि सेक्टर अभी अपने पुराने नुकसान की भरपाई करने में जुटा है.
बाजार के जाने-माने एक्सपर्ट अनिल सिंघवी का मानना है कि आईटी इंडेक्स के लिए 30000 का यह स्तर बेहद मायने रखता है. उनके अनुसार पिछले दो महीनों से यह सेक्टर एक सीमित दायरे में घूम रहा था. अब अगर यह 30000 के ऊपर मजबूती से टिक जाता है तो समझो इसमें एक नई तेजी की शुरुआत हो चुकी है. तकनीकी जानकारों के लिए एक और अच्छी खबर यह है कि अप्रैल के बाद पहली बार यह इंडेक्स अपने 50-दिनों के मूविंग एवरेज से ऊपर निकला है जिसे तेजी का मजबूत संकेत माना जाता है.
इस तेजी को लीड करने में दिग्गज कंपनियों का बड़ा हाथ रहा है. इंफोसिस और टीसीएस के शेयर 5% से ज्यादा उछल गए जबकि विप्रो, टेक महिंद्रा, कोफोरज, एम्फैसिस, एचसीएल टेक और एलटीआईमाइंडट्री जैसी कंपनियों में भी अच्छी खरीदारी देखी गई. इसके अलावा, ग्लोबल मार्केट से आ रहे अच्छे संकेतों और एक्सेंचर जैसी विदेशी कंपनियों के शानदार प्रदर्शन ने भी भारतीय निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है. अब देखना यह होगा कि क्या आईटी इंडेक्स इस 30000 के जादुई आंकड़े को संभाल कर रख पाता है या नहीं.