मुंबई: रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग में चेयरमैन मुकेश अंबानी और कंपनी के अन्य दिग्गजों ने भविष्य की योजनाओं को लेकर कई बड़े ऐलान किए हैं. जियो के बहुप्रतीक्षित आईपीओ से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लीन एनर्जी सेक्टर तक, कंपनी ने देश के विकास के लिए एक बड़ा रोडमैप पेश किया है.
1. जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ (IPO) का रास्ता साफ- मुकेश अंबानी ने जानकारी दी कि जियो प्लेटफॉर्म्स को शेयर बाजार में लिस्ट करने के लिए ड्राफ्ट पेपर (DRHP) सेबी के पास जमा कराने की मंजूरी बोर्ड से मिल गई है. इस आईपीओ के जरिए कंपनी 10 फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करने की तैयारी में है. अंबानी के मुताबिक जियो की लिस्टिंग यह साबित करेगी कि भारतीय टेक्नोलॉजी कंपनियां दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल दिग्गजों को टक्कर दे सकती हैं.
2. खुद का सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क बनाएगी जियो- जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी ने बताया कि कंपनी भारत के लिए अपना खुद का लो-अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट नेटवर्क तैयार कर रही है. इसका उद्देश्य देश के उन सुदूर गांवों, द्वीपों और सीमावर्ती इलाकों तक इंटरनेट पहुंचाना है, जहां मोबाइल टावर लगाना बेहद मुश्किल है. इसके लिए जियो ग्लोबल सैटेलाइट कंपनियों से हाथ मिलाने के साथ-साथ भारत में अपना जमीनी इंफ्रास्ट्रक्चर भी मजबूत कर रही है.
3. 'रिलायंस इंटेलिजेंस' से देश को मिलेगा खुद का AI- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में कदम रखते हुए रिलायंस ने 'रिलायंस इंटेलिजेंस' की शुरुआत की है. इसके तहत गुजरात के जामनगर में एक विशाल एआई इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनाया जा रहा है, जो पूरी तरह कच्छ से मिलने वाली सोलर और ग्रीन एनर्जी से चलेगा. 120 मेगावाट क्षमता वाला इसका पहला फेज 2026 के अंत तक शुरू हो जाएगा. एडवांस्ड NVIDIA GB300 GPUs से लैस यह हब 22 भारतीय भाषाओं में AI सेवाएं देगा.
4. रिटेल के 20,000 स्टोर्स और जियोमार्ट का विस्तार- रिलायंस रिटेल ने देश भर में 20,000 से अधिक स्टोर्स का आंकड़ा पार कर एशिया के सबसे तेजी से बढ़ने वाले रिटेल नेटवर्क में अपनी जगह बना ली है. इसके साथ ही 'जियोमार्ट' अब एक बड़े क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म में तब्दील हो चुका है. यह फिलहाल देश के 1,200 से ज्यादा शहरों में मौजूद 3,100 से अधिक स्टोर्स के जरिए किराने और रोजमर्रा के सामान की सुपरफास्ट डिलीवरी कर रहा है.
5. ग्रीन एनर्जी बिजनेस से होगी मोटी कमाई- अनंत अंबानी ने बताया कि कंपनी का क्लीन एनर्जी बिजनेस वित्त वर्ष 2027 (FY27) से बंपर मुनाफा देना शुरू कर देगा. जामनगर में 5,000 एकड़ में फैला 'ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स' दुनिया के सबसे बड़े क्लीन एनर्जी हब के रूप में उभर रहा है. रिलायंस अपनी बैटरी बनाने की क्षमता को 120 GWh तक बढ़ा रही है. इसके अलावा, कच्छ का रिन्यूएबल प्रोजेक्ट सालाना 40 अरब यूनिट ग्रीन बिजली पैदा करेगा, जो भारत की कुल बिजली जरूरतों का करीब 3% है.
रिलायंस अपने ट्रेडिशनल ऑयल-टू-केमिकल्स यानी कि O2C बिजनेस को भी पूरी तरह बदलने में जुटी है ताकि साल 2050 तक कार्बन-न्यूट्रल होने का लक्ष्य हासिल किया जा सके. इसी कड़ी में कंपनी ने सैमसंग सीएंडटी के साथ 3 अरब डॉलर का ग्रीन अमोनिया सप्लाई एग्रीमेंट साइन किया है.