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India Daily

सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, जानिए क्यों अचानक लुढ़के दाम

सोने और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट दर्ज की गई. अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संकेतों के बाद बाजार में दबाव बढ़ा, जिससे दोनों कीमती धातुएं अपने रिकॉर्ड स्तरों से काफी नीचे आ गईं.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, जानिए क्यों अचानक लुढ़के दाम
Courtesy: pintrest

मुंबई: कीमती धातुओं के बाजार में इन दिनों तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. शुक्रवार को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों और खरीदारों के बीच नई चर्चा शुरू हो गई है. कुछ महीने पहले तक रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच चुके सोने और चांदी के दाम अब काफी नीचे आ चुके हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक संकेतों और अमेरिकी केंद्रीय बैंक के फैसलों ने इस बदलाव में अहम भूमिका निभाई है. इससे खरीदारों को राहत जरूर मिली है.

सोने की कीमतों में लगातार दबाव

शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के भाव में दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई. कारोबार के दौरान सोना 1,45,710 रुपये प्रति 10 ग्राम तक फिसल गया, जबकि शाम तक यह करीब 1,46,800 रुपये के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया. गौरतलब है कि इसी वर्ष जनवरी में सोना लगभग 1.91 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था. इस हिसाब से देखा जाए तो पिछले चार से पांच महीनों में इसकी कीमत में लगभग 46 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी आ चुकी है. इससे बाजार में नई खरीदारी की उम्मीदें भी बढ़ी हैं.

फेडरल रिजर्व के फैसले का असर

विशेषज्ञों के अनुसार इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व का हालिया रुख है. केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों को फिलहाल स्थिर रखने का फैसला किया, लेकिन भविष्य में दरें बढ़ने की संभावना के संकेत भी दिए. इस घोषणा के बाद वैश्विक वित्तीय बाजारों में दबाव बढ़ा और निवेशकों ने सोने-चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों में मुनाफावसूली शुरू कर दी. महंगाई को लेकर बनी चिंताओं ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया. इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों से लेकर भारतीय कमोडिटी बाजार तक साफ दिखाई दिया.

चांदी में भी बड़ी कमजोरी

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई. शुक्रवार को चांदी करीब 9 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो गई. इससे पहले गुरुवार को भी इसमें लगभग 13 हजार रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट देखी गई थी. MCX पर चांदी का भाव 2,31,600 रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गया, जबकि कारोबार के दौरान यह 2,28,162 रुपये तक फिसल गई. वर्ष की शुरुआत में चांदी ने 4.21 लाख रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छुआ था. अब यह अपने उच्चतम स्तर से करीब 1.90 लाख रुपये प्रति किलो नीचे आ चुकी है.

निवेशकों के लिए क्या है संकेत

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा गिरावट लंबे समय से खरीदारी का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अवसर साबित हो सकती है. खासतौर पर शादी-ब्याह या दीर्घकालिक निवेश की योजना बना रहे खरीदार इस समय को अनुकूल मान सकते हैं. हालांकि अल्पकालिक कारोबार करने वाले निवेशकों को अभी सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के चलते कीमतों में और उतार-चढ़ाव संभव है. विशेषज्ञ एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश की रणनीति अपनाने की सलाह दे रहे हैं, जिससे जोखिम को बेहतर ढंग से नियंत्रित किया जा सके.

नोट- यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है. किसी भी प्रकार का निवेश या खरीदारी करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें. बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है.