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India Daily

रुपये की मजबूती के लिए RBI का बड़ा दांव! भारत में आ सकते हैं 75 अरब डॉलर

आरबीआई ने रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखते हुए विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए कई उपाय किए हैं. इससे करीब 75 अरब डॉलर का फंड आने और रुपये को मजबूती मिलने की उम्मीद है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
रुपये की मजबूती के लिए RBI का बड़ा दांव! भारत में आ सकते हैं 75 अरब डॉलर
Courtesy: ai generated

मुंबई: आरबीआई के नए फैसलों से देश में विदेशी निवेश की बाढ़ आ सकती है जिससे भारतीय रुपये को भी बड़ी मजबूती मिलेगी. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी ताजा नीति में मुख्य ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है लेकिन विदेशी निवेश को आकर्षित करने और देश के फाइनेंशियल मार्केट को मजबूत बनाने के लिए कई बड़े कदमों का ऐलान किया है. केंद्रीय बैंक का यह फैसला आर्थिक विकास को रफ्तार देने और महंगाई पर लगाम कसने के बीच एक बेहतरीन संतुलन बनाने की कोशिश है.

MPC की बैठक में रेपो रेट में नहीं हुआ बदलाव

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई वाली मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने रेपो रेट को बिना किसी बदलाव के 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा है. वैश्विक अर्थव्यवस्था में चल रही उथल-पुथल, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों को देखते हुए कमेटी ने फिलहाल अपना रुख न्यूट्रल रखा है.

RBI ने भले ही ब्याज दरें न बदली हों लेकिन विदेशी मुद्रा को देश में लाने के लिए कई खास सहूलियतें दी हैं. इनमें सरकारी कंपनियों के लिए विदेशी कर्ज जुटाने को आसान बनाना, विदेशी मुद्रा प्रवासी डिपॉजिट को बढ़ावा देना और अप्रवासी भारतीयों व विदेशी निवेशकों के लिए निवेश के रास्ते आसान करना शामिल है.

जानकारों ने क्या कहा?

'आईसीआईसीआई बैंक ग्लोबल मार्केट्स' के जानकारों का मानना है कि इन नए उपायों से भारत में करीब 50 अरब डॉलर का विदेशी फंड आ सकता है. इससे बैंकों के पास नकदी बढ़ेगी और रुपये को भी सहारा मिलेगा.

इसके अलावा आरबीआई ने 'फुल्ली एक्सेसिबल रूट' (FAR) का दायरा बढ़ा दिया है जिससे विदेशी निवेशक भारतीय सरकारी बॉन्ड में ज्यादा निवेश कर सकेंगे. सरकार की तरफ से टैक्स में दी गई हालिया छूट और इस कदम के बाद भारत के ग्लोबल बॉन्ड इंडेक्स में शामिल होने की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं. एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि अगर ऐसा होता है तो भारत के डेट मार्केट में 25 अरब डॉलर का अतिरिक्त निवेश आ सकता है. यानी कुल मिलाकर करीब 75 अरब डॉलर का फायदा होने की उम्मीद है.

आरबीआई ने बढ़ाया महंगाई का अनुमान

इस घोषणा के बाद बाजारों में अच्छी रौनक देखी गई और रुपया भी अपनी पुरानी कमजोरी से उबरने में कामयाब रहा. हालांकि महंगाई अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. आरबीआई ने वित्त वर्ष 2027 के लिए महंगाई का अनुमान बढ़ाकर 5.1 फीसदी कर दिया है. वहीं वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों के असर के चलते देश की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.9 फीसदी से घटाकर 6.6 फीसदी कर दिया है.

बैंकिंग जगत ने इस फैसले का स्वागत किया है क्योंकि स्थिर ब्याज दरों से बिजनेस करने वालों को भरोसा मिलता है. बाजार को उम्मीद है कि यदि आगे महंगाई और बढ़ी तो आरबीआई ब्याज दरें बढ़ाने से पीछे नहीं हटेगा.