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राइवल कोचिंग सेंटरों से छात्रों को लाने पर फैकल्टी को मिलेंगे 15 लाख! फिजिक्सवाला ने दिया ऑफर

फिजिक्सवाला ने नई फैकल्टी और टैलेंट नर्चर टीम के लिए एक प्रोत्साहन योजना लागू की है, जिसके तहत प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में उत्कृष्ट रैंक हासिल करने वाले रेफर किए गए छात्रों के आधार पर 2 लाख से 15 लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
राइवल कोचिंग सेंटरों से छात्रों को लाने पर फैकल्टी को मिलेंगे 15 लाख! फिजिक्सवाला ने दिया ऑफर
Courtesy: social media

देश की प्रमुख एडटेक कंपनी PhysicsWallah अपनी ऑफलाइन कोचिंग उपस्थिति को तेजी से मजबूत करने में जुटी है. इसी क्रम में कंपनी की एक आंतरिक प्रोत्साहन नीति चर्चा में है. इस नीति के तहत नई नियुक्त फैकल्टी और टैलेंट नर्चर टीम के सदस्य उन छात्रों को कंपनी के क्लासरूम प्रोग्राम से जोड़ने पर विशेष पुरस्कार पाने के पात्र होंगे, जो आगे चलकर जेईई और नीट जैसी परीक्षाओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हैं. कंपनी का कहना है कि यह एक परिणाम-आधारित रेफरल कार्यक्रम है.

क्या है नई प्रोत्साहन योजना

कंपनी की आंतरिक नीति के अनुसार, 2027 बैच के क्लासरूम कार्यक्रमों में दाखिला लेने वाले छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर कर्मचारियों को आर्थिक पुरस्कार दिया जाएगा. यह राशि छात्र की अंतिम रैंक के अनुसार तय होगी. ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल करने वाले छात्र के रेफरल पर 15 लाख रुपये तक का इनाम निर्धारित है. वहीं शीर्ष रैंक की अन्य श्रेणियों के लिए भी अलग-अलग पुरस्कार तय किए गए हैं. योजना में यह शर्त भी रखी गई है कि छात्र निर्धारित समयसीमा के भीतर नामांकन लें और कम से कम दो विषयों की कक्षाओं में भाग लें.

फैकल्टी की भूमिका पर उठे सवाल

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कुछ लोगों का मानना है कि प्रतिभाशाली छात्रों को पहचानने और उन्हें संस्थान से जोड़ने का काम आमतौर पर टैलेंट नर्चर टीम करती है. हालांकि, इस योजना में फैकल्टी को भी शामिल किया गया है. सूत्रों के अनुसार, इसका उद्देश्य नए शिक्षकों को अपने पुराने संस्थानों के छात्रों को फिजिक्सवाला से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित करना हो सकता है. कुछ विशेषज्ञों ने इसे पारंपरिक उद्योग प्रथाओं से अलग कदम बताया है.

कंपनी ने क्या कहा?

फिजिक्सवाला ने इस योजना को नया प्रयोग मानने से इनकार किया है. कंपनी के अनुसार, यह एक कर्मचारी रेफरल नीति का हिस्सा है, जिसमें केवल नामांकन नहीं बल्कि छात्र के दीर्घकालिक शैक्षणिक परिणामों को महत्व दिया जाता है. कंपनी का कहना है कि पुरस्कार तभी दिया जाएगा जब रेफर किया गया छात्र पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रतिस्पर्धी परीक्षा में निर्धारित स्तर की सफलता हासिल करे. साथ ही, इस कार्यक्रम में भाग लेना पूरी तरह स्वैच्छिक बताया गया है.

ऑफलाइन कारोबार पर बड़ा दांव

पिछले कुछ वर्षों में फिजिक्सवाला का ऑफलाइन कारोबार तेजी से बढ़ा है. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का ऑफलाइन राजस्व लगभग 1,774 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो उसके ऑनलाइन कारोबार के काफी करीब है. इसी दौरान कंपनी ने अपने क्लासरूम केंद्रों की संख्या में भी उल्लेखनीय विस्तार किया. उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि ऑफलाइन कोचिंग क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के बीच मजबूत फैकल्टी और उत्कृष्ट छात्रों को आकर्षित करना संस्थानों की प्राथमिक रणनीति बन गया है. कंपनी की भविष्य की विस्तार योजनाओं में भी ऑफलाइन नेटवर्क को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है.