नई दिल्ली: विश्व स्तर पर तकनीक और बैंकिंग जगत में कुछ समय से बड़े पैमाने पर छंटनी की जा रही है और AI को इसकी वजह माना जा रहा है. छंटनी के पीछे ये तर्क दिया जा रहा है कि कंपनी बड़े वर्कफोर्स की जगह अब काम से कम वर्कफोर्स में क्वालिटी ओरिएंटेड काम करने के उद्देशय से छंटनी कर रही है, लेकिन दुनिया की सबसे बड़ी एआई चिप निर्माता कंपनी एनवीडिया (Nvidia) के प्रमुख जेंसन हुआंग ने कॉरपोरेट जगत के कप्तानों को इस मामले में सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया है.
सिंगापुर के एक प्रमुख समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में जेंसन हुआंग ने कड़े लहजे में कहा कि जो भी सीईओ अपनी कंपनियों से कर्मचारियों को बाहर निकालने के लिए एआई का सहारा ले रहे हैं, वे दरअसल 'आलसी' हैं. उन्होंने इस पूरे तर्क को खोखला और बेबुनियाद बताते हुए साफ कहा कि कंपनियां एआई के नाम पर केवल एक बहाना बना रही हैं, जिससे आम कामकाजी लोगों के भीतर बेवजह डर का माहौल पैदा हो रहा है.
हुआंग ने वैश्विक बाजार की क्रूर हकीकत को उजागर करते हुए कहा, 'यह पूरी तरह से तर्कहीन बात है कि जो एआई तकनीक पिछले केवल छह महीनों से व्यावहारिक रूप से काम करने के लायक बनी है, उसके नाम पर कंपनियां पिछले दो साल पहले से ही अपने कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा रही थीं.' उन्होंने कहा कि कंपनियां अपनी आर्थिक गलतियों और आंतरिक बदलावों को छिपाने के लिए एआई का नाम ले रही हैं.
कामकाजी युवाओं को आश्वस्त करते हुए एनवीडिया के बॉस ने कहा कि आपकी नौकरी सीधे तौर पर कोई तकनीक या रोबोट नहीं छीनेगा, बल्कि आपकी जगह वह इंसान ले लेगा जिसने आपसे बहुत बेहतर और स्मार्ट तरीके से इन नए एआई टूल्स का इस्तेमाल करना सीख लिया है. उन्होंने कर्मचारियों को डरने के बजाय खुद को तकनीकी रूप से अपग्रेड और कुशल बनाने की महत्वपूर्ण सलाह दी.
इस बदलाव की तुलना इतिहास से करते हुए हुआंग ने कहा कि जब दशकों पहले दुनिया में पर्सनल कंप्यूटर (PC) का आगमन हुआ था, तब भी कामकाजी समाज में ऐसा ही भयंकर डर फैला था. लेकिन कंप्यूटर आने के बाद नौकरियां खत्म नहीं हुईं, बल्कि वे लोग रेस से बाहर हो गए जिन्होंने कंप्यूटर चलाना नहीं सीखा. एआई भी इंसानों को नौकरी से हटाने के लिए नहीं, बल्कि उनके काम की कार्यक्षमता और रफ्तार बढ़ाने के लिए आया है.
हुआंग ने अपनी कंपनी एनवीडिया का प्रत्यक्ष उदाहरण देते हुए बताया कि वे एआई की मदद से काम की रफ्तार बढ़ाकर लगातार नई भर्तियां कर रहे हैं. गौरतलब है कि यह पूरा विवाद तब गरमाया जब स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के सीईओ बिल विंटर्स ने 7,000 कर्मचारियों को हटाने के लिए एआई का हवाला दिया था, जिसपर बाद में उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी. इसी तरह फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा भी एआई निवेश बढ़ाने के नाम पर वर्कफोर्स घटा रही है.