Microsoft में बड़ी छंटनी, 4800 कर्मचारियों की नौकरी गई; AI पर लगाया बड़ा दांव
माइक्रोसॉफ्ट ने AI निवेश और लागत संतुलित करने की रणनीति के तहत 4,800 कर्मचारियों की छंटनी का फैसला लिया है. कंपनी का कहना है कि बदलते तकनीकी दौर में कारोबार को अधिक प्रभावी और प्रतिस्पर्धी बनाना उसकी प्राथमिकता है.
नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दौड़ ने दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों की कार्यशैली तेजी से बदल दी है. इसी बदलाव के बीच माइक्रोसॉफ्ट ने अपने वैश्विक कर्मचारियों में कटौती का बड़ा फैसला लिया है. कंपनी करीब 4,800 कर्मचारियों को बाहर करेगी, जो उसके कुल कार्यबल का लगभग 2.1 प्रतिशत है. AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते निवेश और खर्च को संतुलित करने की रणनीति के तहत यह कदम उठाया गया है. इससे टेक उद्योग में रोजगार को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है.
माइक्रोसॉफ्ट ने स्पष्ट किया है कि कंपनी भविष्य की तकनीकों में निवेश बढ़ा रही है. AI आधारित सेवाओं और क्लाउड कारोबार को मजबूत करने के लिए संसाधनों का पुनर्गठन किया जा रहा है. इसी प्रक्रिया के तहत कर्मचारियों की संख्या में कमी लाने का निर्णय लिया गया है, ताकि संचालन को अधिक प्रभावी बनाया जा सके.
टेक सेक्टर में जारी है छंटनी का दौर
माइक्रोसॉफ्ट अकेली कंपनी नहीं है जिसने यह कदम उठाया है. इससे पहले अमेजन और मेटा भी हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर चुके हैं. उद्योग विशेषज्ञों का अनुमान है कि वर्ष 2026 में बड़ी टेक कंपनियां AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर 700 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करेंगी. इससे लागत नियंत्रण का दबाव लगातार बढ़ रहा है.
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कंपनी के शेयर इस वर्ष दबाव में रहे हैं. 2026 की पहली छमाही में माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों में करीब 23 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. इसी दौरान कंपनी ने AI परियोजनाओं और डेटा सेंटर विस्तार पर बड़े निवेश की योजना भी घोषित की है. बढ़ते पूंजीगत खर्च का असर नकदी प्रवाह पर भी दिखाई दे रहा है.
Azure बना विकास का प्रमुख आधार
AI सेवाओं की बढ़ती मांग से माइक्रोसॉफ्ट के Azure Cloud कारोबार को लगातार मजबूती मिल रही है. अप्रैल तक Azure, OpenAI के AI मॉडल उपलब्ध कराने वाला विशेष प्लेटफॉर्म था. कंपनी ने चालू तिमाही के लिए Azure की बिक्री का अनुमान भी बाजार की अपेक्षाओं से बेहतर बताया है, जिससे भविष्य को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं.
बदलती तकनीक से बदल रहा रोजगार
विशेषज्ञों का मानना है कि AI अब कई नियमित कार्यों को स्वचालित बना रहा है. इससे पारंपरिक सॉफ्टवेयर आधारित भूमिकाओं की जरूरत धीरे-धीरे कम हो सकती है. दूसरी ओर डेटा सेंटर की बढ़ती मांग के कारण हार्डवेयर लागत बढ़ रही है. इसी वजह से माइक्रोसॉफ्ट को Xbox कंसोल की कीमतों में भी बढ़ोतरी करनी पड़ी है. टेक उद्योग में आने वाले समय में ऐसे बदलाव और तेज होने की संभावना जताई जा रही है.