इनकम टैक्स रिटर्न भरने का सीजन शुरू हो चुका है और नौकरीपेशा लोग अपने फॉर्म 16 का इंतजार कर रहे हैं. इसी बीच बाजार में 'फॉर्म 130' नाम के एक नए डॉक्यूमेंट को लेकर काफी कन्फ्यूजन बना हुआ है. कई लोग सोच रहे हैं कि क्या इस साल फॉर्म 16 की जगह फॉर्म 130 ले लेगा? बहुत ही आसान शब्दों में समझते हैं कि पूरा मामला क्या है.
टैक्स का रिपोर्ट कार्ड- फॉर्म 16 आपकी कंपनी द्वारा दिया जाने वाला एक ऑफिशियल सर्टिफिकेट है. इसमें आपकी सैलरी और उस पर काटे गए टैक्स का पूरा ब्योरा होता है. इसे आप अपनी कमाई और टैक्स का 'रिपोर्ट कार्ड' भी कह सकते हैं.
फाइलिंग होती है आसान- यह फॉर्म आपकी बेसिक सैलरी, भत्तों और हाउस रेंट अलाउंस को समझने में मदद करता है जिससे टैक्स रिटर्न भरना बेहद आसान हो जाता है.
किसे मिलता है, किसे नहीं- यह फॉर्म सिर्फ उन्हीं को मिलता है जो किसी कंपनी या सरकारी विभाग में नौकरी करते हैं और जिनकी सैलरी से टीडीएस कटता है. फ्रीलांसर, बिजनेस ओनर और खुद का काम करने वाले लोगों को फॉर्म 16 नहीं मिलता, क्योंकि उनका कोई बॉस या कंपनी नहीं होती.
कानूनी तौर पर आईटीआर भरने के लिए फॉर्म 16 अनिवार्य नहीं है लेकिन इसके होने से काम बहुत आसान हो जाता है. यह बैंक लोन और क्रेडिट कार्ड लेते समय 'प्रूफ ऑफ इनकम' के तौर पर भी काम आता है.
नियमों के मुताबिक कंपनियों को सरकार के पास टीडीएस जमा करने के बाद 15 जून तक अपने कर्मचारियों को फॉर्म 16 देना होता है. आमतौर पर यह जून के पहले या दूसरे हफ्ते में मिल जाता है.
अगर आपका फॉर्म 16 समय पर नहीं मिलता है तो घबराने की कोई बात नहीं है. आप इसके बिना भी अपना टैक्स रिटर्न फाइल कर सकते हैं. इसके लिए आप इन दस्तावेजों की मदद ले सकते हैं.
अपनी हर महीने की सैलरी स्लिप, फॉर्म 26AS, एनुअल इन्फोर्मेशन स्टेटमेंट, आपके बैंक अकाउंट का स्टेटमेंट. इन सभी की मदद से आप अपनी कुल टैक्स योग्य कमाई और कटे हुए टीडीएस का आसानी से हिसाब लगा सकते हैं.
कई टैक्सपेयर्स को लग रहा है कि इस साल से फॉर्म 16 बंद हो गया है और उसकी जगह फॉर्म 130 आ गया है. लेकिन यह बिल्कुल गलत है. असेसमेंट ईयर 2026-27 टैक्स रिटर्न भरने के लिए आपको फॉर्म 16 का ही इस्तेमाल करना है. अब समझ लीजिए फॉर्म 130 क्या है. फॉर्म 130 नए इंकम टैक्स ढांचे का एक हिस्सा है जिसे आने वाले सालों में लागू किया जा सकता है. यह एक डिजिटल और बेहद डीटेल्ड फॉर्म होगा.
इस नए फॉर्म में सैलरी के साथ-साथ कंपनी से मिलने वाली अन्य सुविधाओं का भी पूरा हिसाब-किताब होगा. जैसे कंपनी की तरफ से मिली गाड़ी, घर, कम ब्याज पर मिला लोन, ट्रैवल अलाउंस, गिफ्ट वाउचर या कंपनी के क्रेडिट कार्ड से किए गए आपके निजी खर्चे.
इस साल टैक्स फाइल करने के लिए नौकरीपेशा लोग फॉर्म 16 पर ही भरोसा रखें. अगर कंपनी से यह फॉर्म मिलने में देरी हो रही है, तो ऊपर बताए गए दूसरे तरीकों से अपना रिटर्न तैयार रखें और 31 जुलाई की आखिरी तारीख से पहले इसे जरूर फाइल कर दें ताकि आखिरी समय की हड़बड़ी से बचा जा सके.