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India Daily

अमेरिका के कम टैरिफ का भारत को बंपर फायदा! IMF ने बताया 2026 और 2027 में कितनी रहेगी विकास दर

IMF ने मजबूत आर्थिक गति और कम अमेरिकी टैरिफ के दम पर 2026 और 2027 में भारत की विकास दर 6.5% रहने का अनुमान जताया है.

Ashutosh Rai
Edited By: Ashutosh Rai
अमेरिका के कम टैरिफ का भारत को बंपर फायदा! IMF ने बताया 2026 और 2027 में कितनी रहेगी विकास दर
Courtesy: AI

वैश्विक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारत की 'ग्रोथ स्टोरी' लगातार मजबूत हो रही है. इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने भारतीय अर्थव्यवस्था पर अपना भरोसा जताते हुए विकास दर के अनुमान में बढ़ोतरी की है. 

आईएमएफ की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, कैलेंडर वर्ष 2026 में भारत की अर्थव्यवस्था 6.5% की शानदार रफ्तार से आगे बढ़ेगी, जो वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के अनुमानों के बिल्कुल सटीक बैठती है. ऐसे समय में जब दुनिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं महंगाई, युद्ध और मांग में कमी के दबाव में घुटने टेक रही हैं, भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ सीना ताने खड़ी है.

कम अमेरिकी टैरिफ का मिला बंपर फायदा

IMF द्वारा इस ग्रोथ अनुमान को बढ़ाने के पीछे सबसे बड़ा फैक्टर अमेरिका का एक अहम फैसला है. दरअसल, अमेरिका ने भारतीय सामानों पर लगने वाले अतिरिक्त टैरिफ को 50 फीसदी से घटाकर सीधे 10 फीसदी कर दिया है. इस भारी कटौती से भारतीय निर्यातकों को पंख लग गए हैं. निर्यात में आए इस उछाल ने मध्य पूर्व के तनाव से होने वाले संभावित नुकसान की पूरी तरह से भरपाई कर दी है.

2025 में बढ़ाया था अनुमान

सिर्फ 2026 ही नहीं, बल्कि घरेलू मांग में लगातार बने हुए उछाल को देखते हुए IMF ने 2025 के लिए भी भारत के ग्रोथ अनुमान को तेजी से बढ़ाकर 7.6% कर दिया है. संस्था का मानना है कि 2027 में भी भारत 6.5% की स्थिर और मजबूत दर से आगे बढ़ता रहेगा.

एशियाई देशों के मुकाबले भारत सबसे आगे

वैश्विक परिदृश्य को देखें तो 'इमर्जिंग एशिया' की तस्वीर बहुत उत्साहजनक नहीं है. IMF की रिपोर्ट साफ बताती है कि दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों में घरेलू मांग बुरी तरह लड़खड़ा गई है. मध्य पूर्व के संघर्ष ने इन देशों के व्यापार, टूरिज्म और रेमिटेंस की कमर तोड़ दी है. खासकर वो देश जो ऊर्जा आयात या विदेशी फंडिंग पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं, उनके ग्रोथ अनुमानों में बड़ी कटौती की गई है. इन तमाम मुश्किलों के बीच, अपनी मजबूत घरेलू खपत के दम पर भारत पूरे रीजन में एक ब्राइट स्पॉट बनकर उभरा है.

आगे क्या हैं चुनौतियां?

भले ही भारत का विकास पथ स्थिर नजर आ रहा है, लेकिन IMF ने आगाह किया है कि बाहरी दुनिया का माहौल अभी भी जोखिमों से भरा है. भविष्य में जियो-पॉलिटिकल तनाव और कच्चे तेल की सप्लाई चेन में होने वाला कोई भी बड़ा बदलाव अर्थव्यवस्था की रफ्तार पर ब्रेक लगाने की कोशिश कर सकता है. हालांकि, मौजूदा स्थिति में मजबूत फंडामेंटल्स के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था किसी भी बड़े वैश्विक झटके को सहने के लिए पूरी तरह से तैयार नजर आ रही है.