IPL 2026 West Bengal Assembly Election 2026 Assembly Election 2026

'मेरा हमेशा से इरादा था कि मैं...', किंगफिशर एयरलाइंस के डूबने पर 9 साल बाद बोले भगोड़े विजय माल्या

2013 के बाद पहली बार पॉडकास्टर राज शमानी के साथ बातचीत में माल्या ने कहा कि लोग पैसे की हेराफेरी की बात करते हैं, लेकिन मेरे योगदान की चर्चा नहीं करते.

Sagar Bhardwaj

भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने गुरुवार को एक चार घंटे के वीडियो पॉडकास्ट में किंगफिशर एयरलाइंस के पतन के बाद की घटनाओं पर खुलकर बात की. 2013 के बाद पहली बार पॉडकास्टर राज शमानी के साथ बातचीत में माल्या ने दावा किया कि उन्होंने 2012 से 2015 के बीच बैंकों को चार सेटलमेंट ऑफर दिए, जिन्हें “बैंकों ने ठुकरा दिया.” माल्या ने कहा, “मेरी हमेशा सेटलमेंट की मंशा थी. मैंने कभी नहीं कहा कि मैं भुगतान नहीं करना चाहता.”

उन्होंने बताया कि उन्होंने हैदराबाद में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के चेयरपर्सन से मुलाकात कर सेटलमेंट का प्रस्ताव रखा, लेकिन “वे 14,000 करोड़ रुपये चाहते थे, इसलिए उन्होंने ऑफर ठुकरा दिया.” फरवरी 2025 में माल्या ने कर्नाटक हाईकोर्ट में कहा कि बैंकों ने 6,200 करोड़ रुपये वसूल लिए, फिर भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में 14,000 करोड़ रुपये की वसूली का दावा किया.  

किंगफिशर के पतन की कहानी
माल्या ने बताया कि उन्होंने तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी (2009-12) से कहा था कि एयरलाइंस अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही, इसलिए इसे छोटा करना जरूरी है. “मुखर्जी ने कहा कि मैं इसे जैसे है, वैसे ही चलाऊं, और यहीं से सब शुरू हुआ,” माल्या ने खुलासा किया. उन्होंने कहा, “किंगफिशर ने SBI से कोई कर्ज नहीं लिया.” माल्या ने बताया कि 2008 में किंगफिशर और एयर डेक्कन के मर्जर के बाद SBI कर्जदाता बना.  

निजी गारंटी और निवेश
माल्या ने कहा, “17 बैंकों के कंसोर्टियम ने मेरी दृष्टि पर भरोसा किया. मैंने UB होल्डिंग्स से 3,000 करोड़ रुपये नकद डाले. लोग पैसे की हेराफेरी की बात करते हैं, लेकिन मेरे योगदान की चर्चा नहीं करते.” उन्होंने जोर देकर कहा, “मैंने अपनी व्यक्तिगत गारंटी दी. कोई चोर क्या अपनी व्यक्तिगत गारंटी देता है?”  माल्या ने X पर लिखा, “मैंने नौ साल बाद इस पॉडकास्ट में बात की. मैं किंगफिशर के कर्मचारियों से माफी मांगता हूं और तथ्यों के साथ सच सामने लाना चाहता हूं.”  

वसूली और आरोप
माल्या ने कहा कि बैंकों ने उनकी निजी शेयरों और किंगफिशर ब्रांड से 14,000 करोड़ रुपये वसूले. उन्होंने स्पष्ट किया, “विजय माल्या ने कभी एक रुपया कर्ज नहीं लिया. किंगफिशर ने कर्ज लिया और मैं गारंटर था.”