सोने में बड़ी गिरावट, 1.96 लाख रुपए सस्ती हुई चांदी; निवेशकों के लिए कमाई का शानदार मौका!

बाजार के एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक खुदरा महंगाई नियंत्रण में नहीं आती और बैंक ब्याज दरों में ढील देने के संकेत नहीं देते तब तक सोने-चांदी की कीमतों में सीमित तेजी देखने को मिलेगी.

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Sagar Bhardwaj

सोमवार को सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखी गई. सोने औ चांदी के खरीदारों के लिए यह निवेश का सुनहरा मौका हो सकता है. वैसे गिरावट का दौर सुबह से ही शुरू हो गया था लेकिन देर शाम सोने और चांदी में गिरावट और ज्यादा गहरा गई.

कीमतों की बात करें तो मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना  1 फीसदी से ज्यादा टूटकर 1,49,159 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया, इस हिसाब से सोना प्रति 10 ग्राम 2000 रुपए सस्ता हो गया. पिछले सत्र में सोना 1,51,499 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. चांदी की बात करें तो सोमवार शाम को चांदी में 2500 रुपए प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई और यह 223000 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई. शुरुआत में चांदी की कीमतों में 1400 रुपए की गिरावट देखी गई थी लेकिन बाद में इसमें और ज्यादा गिरावट दर्ज की गई.

क्या है सोने-चांदी में गिरावट का कारण

सोने और चांदी में लगातार आ रही गिरावट का कारण देश-दुनिया में खुदरा महंगाई का लगातार बढ़ना है. सोमवार शाम को भारत में खुदरा महंगाई के आंकड़े सामने आए. खुदरा महंगाई 22 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है. सितंबर महीने में खुदरा महंगाई अनुमानों से ज्यादा 5.54% पर पहुंच गई. इससे पहले अगस्त में खुदरा महंगाई दर 4.82% दर्ज की गई थी.


खुदरा महंगाई का क्या असर होता है

जब खुदरा महंगाई बढ़ती है तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती को टाल देते हैं. हाल ही में आरबीआई ने रेपो रेट में बढ़ोत्तरी का भी ऐलान किया था. ब्याज दरें बढ़ने से बॉन्ड यील्ड और बैंक की स्कीमों में निवेश करने से आकर्षक रिर्टन मिलता है, जिससे बिना ब्याज या लाभांश देने वाले सोने-चांदी की मांग घट जाती है और कीमतों पर दबाव बना रहता है.

1.96 लाख रुपए सस्ती हुई चांदी

हाल के दिनों में चांदी में आई गिरावट हैरान कर देने वाली है. चालू वित्त वर्ष के जनवरी महीने में चांदी ने 4,20,048 रुपए प्रति किलोग्राम का ऐतिहासिक स्तर छू लिया था लेकिन उसके बाद इसमें लगातार गिरावट देखी जा रही है. बढ़ती महंगाई, ऊंची ब्याज दरें, औद्योगिक डिमांड में सुस्ती इसकी बड़ी वजह हैं. सोमवार को आई गिरावट के बाद चांदी ऑल टाइम हाई से करीब 1.96 लाख रुपए  सस्ती होकर 2,23,326 लाख रुपए पर आ गई है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

बाजार के एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक खुदरा महंगाई नियंत्रण में नहीं आती और बैंक ब्याज दरों में ढील देने के संकेत नहीं देते तब तक सोने-चांदी की कीमतों में सीमित तेजी देखने को मिलेगी. एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने-चांदी की इस गिरावट को निवेशकों को एक निवेश के अवसर के तौर पर देखना चाहिए और खरीदारी करनी चाहिए.