'अगर कानून व्यवस्था आपके हाथ में नहीं तो...', कांग्रेस ने क्यों मांगा CJI का इस्तीफा? बीजेपी ने किया पलटवार
सोमवार को इंडिया गठबंधन के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला और चुनाव आयोग के खिलाफ SIR प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की. सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को इस याचिका पर सुनवाई करेगा.
कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को मुख्य न्यायधीश (CJI) सूर्यकांत पर उस वक्त निशाना साधा जब उन्होंने का कि दिल्ली में विपक्ष के प्रदर्शनों पर पाबंदी का मामला उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता बल्कि यह कानून-व्यवस्था का मुद्दा है.
सीजेआई के इतना कहने के बाद कांग्रेस की केरल इकाई ने चीफ जस्टिस पर सीधा निशाना साधा और कहा कि अगर कानून-व्यवस्था आपकी जिम्मेदारी नहीं है तो इस्तीफा दे दीजिए. हालांकि बीजेपी द्वारा इस पोस्ट पर आलोचना झेलने के घंटों बाद कांग्रेस ने इस पोस्ट को डिलीट कर दिया.
अगर आपके बसकी नहीं तो इस्तीफा दे दीजिए
कांग्रेस पार्टी ने X पर पोस्ट कर कहा था, 'प्रिय सूर्यकांत अगर कानून-व्यवस्था आपके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है तो इस्तीफा दे दीजिए. हम आपका विकल्प ढूंढ लेंगे जो इसे देख सकता है.'
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इससे पहले दिन में एक कार्यक्रम के इतर हाल ही में दिल्ली में हुए प्रोटेस्ट और पूरी दिल्ली में लगाई गई पाबंदियों पर पत्रकारों से बात करते हुए सीजेआई ने कहा था, 'यह कानून-व्यवस्था का मामला है और यह मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं आता.'
उनकी ये प्रतिक्रिया उनके विपक्षी नेताओं से मिलने से इनकार करने को लेकर हुए विवाद के बीच आईं. सीजेई ने विपक्ष से मुलाकात की मांग को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि यह मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और इस तरह की बैठक शक्तियों के पृथक्करण के सिद्धांत के विरुद्ध होगी.
बीजेपी ने किया पलटवार
कांग्रेस द्वारा मुख्य न्यायाधीश को निशाना बनाना बीजेपी को नागवार गुजरा और उन्होंने विपक्षी पार्टी पर जोरदार पलटवार किया. बीजेपी ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया.
संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'मैंने पहले ही कहा था, कांग्रेस का अगला निशाना न्यायपालिका होगी. कांग्रेस भारत की सभी संवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्थाओं को नष्ट करना चाहती है.' उन्होंने आगे कहा, 'सभी भारत विरोधी ताकतों ने हाथ मिला लिए हैं. सभी देशभक्त भारतीय भी एक साथ आएंगे.'
वहीं सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) ने भी सीजेआई का इस्तीफा मांगने को लेकर कांग्रेस की निंदा की. एसोसिएशन ने अपने बयान में कहा कि इस तरह के बयान न्यायिक पद की गरिमा को कम करने और न्यायपालिका में लोगों के भरोसे को कम करने का जोखिम पैदा करते हैं. एसोसिएशन ने सभी से न्यायपालिका की स्वतंत्रता का सम्मान करने और सुप्रीम कोर्ट की गरिमा और मर्यादा को बनाये रखने का आग्रह किया.
इससे पहले सोमवार को इंडिया गठबंधन के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला और चुनाव आयोग के खिलाफ SIR प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की. सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को इस याचिका पर सुनवाई करेगा.