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India Daily

दिग्गज डिजाइनर जियोर्जियो अरमानी का 91 वर्ष की आयु में निधन, जानिए भारत से कैसे थे उनके संबंध?

इटली के मशहूर फैशन डिजाइनर जियोर्जियो अर्मानी का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया. अर्मानी ग्रुप ने उनके शांतिपूर्वक अंतिम समय की पुष्टि करते हुए कहा कि वे आखिरी सांस तक अपने काम और नए प्रोजेक्ट्स को समर्पित रहे. भारत से उनके गहरे जुड़ाव, फैशन में उनके क्रांतिकारी योगदान और 'क्वाइट लग्जरी' की फिलॉसफी ने उन्हें हमेशा यादगार बना दिया है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
दिग्गज डिजाइनर जियोर्जियो अरमानी का 91 वर्ष की आयु में निधन, जानिए भारत से कैसे थे उनके संबंध?
Courtesy: web

फैशन जगत ने अपनी सबसे चमकदार हस्तियों में से एक को खो दिया है. जियोर्जियो अर्मानी, जिन्होंने आधुनिक एलिगेंस की परिभाषा बदल दी और अपने नाम से एक विशाल साम्राज्य खड़ा किया, अब इस दुनिया में नहीं रहे. 11 जुलाई 1934 को इटली के पियाचेंजा में जन्मे अर्मानी ने 1975 में अपनी कार बेचकर सफर शुरू किया था और कुछ ही वर्षों में टाइम मैगजीन के कवर पर छा गए. आज उनके निधन के साथ एक ऐसा अध्याय खत्म हो गया है, जिसने फैशन को नई दिशा दी थी.

जियोर्जियो अर्मानी सिर्फ डिजाइनर नहीं, बल्कि फैशन के दार्शनिक राजा माने जाते थे. 1975 में उन्होंने अपने वोक्सवैगन बीटल को बेचकर अपनी कंपनी की नींव रखी थी. खास बात यह है कि सात साल के अंदर ही वे टाइम मैगजीन के कवर पर नजर आ गए. सूट, रेड-कार्पेट गाउन, होटल, होमवेयर और यहां तक कि चॉकलेट्स तक उनका साम्राज्य फैला. 2019 तक उनकी कंपनी की कमाई 2.1 बिलियन यूरो तक पहुंच गई थी और उनकी निजी संपत्ति 11 बिलियन डॉलर आंकी गई.

भारत से था खास रिश्ता

भारत से अर्मानी का लगाव बेहद गहरा था. 1994 की अपनी भारत यात्रा के दौरान वे यहां की संस्कृति और रंगीनियत से प्रभावित हो गए. यही अनुभव उनके कलेक्शंस में भी झलका, जिनमें भारत की आत्मा को उनके अनोखे अंदाज में मिलान की रनवे पर प्रस्तुत किया गया. अर्मानी ने हमेशा कहा था कि परफेक्शनिज्म और नए लक्ष्य हासिल करने की चाह ही जीवन को गहराई देती है.

अंतिम रनवे और विदाई

90 वर्ष की उम्र में भी अर्मानी का जुनून कम नहीं हुआ. मिलान फैशन वीक 2025-26 में 'रूट्स' नामक शो में उन्होंने आखिरी बार रैंप पर झुककर सलाम किया. जापानी आर्किटेक्ट टाडाओ एंडो द्वारा डिजाइन किए गए मंच पर यह विदाई दृश्य ऐतिहासिक बन गया. अंतिम दिनों तक वे बैकस्टेज हर डिजाइन को खुद परखते रहे, जो उनकी पूर्णता के प्रति समर्पण का प्रतीक है.

अंतिम संस्कार की तैयारी

अर्मानी की अंतिम विदाई का आयोजन मिलान के थिएट्रो अर्मानी में 6 से 7 सितंबर के बीच होगा. यह समारोह सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा. फैशन जगत उन्हें न सिर्फ एक डिजाइनर, बल्कि एक दूरदर्शी और 'क्वाइट लग्जरी' के प्रवर्तक के रूप में हमेशा याद रखेगा.