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India Daily

Petrol-Diesel Rates: क्रूड ऑयल के भाव गिरे, फिर भी पेट्रोल-डीजल के रेट जस के तस? जानें आज के दाम

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई है, लेकिन भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं.

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Edited By: Reepu Kumari
Petrol-Diesel Rates: क्रूड ऑयल के भाव गिरे, फिर भी पेट्रोल-डीजल के रेट जस के तस? जानें आज के दाम
Courtesy: Pinterest

पेट्रोल पंप पर ईंधन भरवाते समय अगर आपको उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता होने से आपकी जेब को भी राहत मिलेगी, तो फिलहाल ऐसा नहीं हुआ है. 27 अक्टूबर को सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी किए हैं. दिल्ली में दोनों ईंधनों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव लगातार दूसरे दिन नीचे आए हैं.

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव

27 अक्टूबर की सुबह करीब 6 बजे अमेरिकी WTI क्रूड 101.17 डॉलर प्रति बैरल पर था. वहीं, ब्रेंट क्रूड करीब 115 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था. इसकी कीमत 116 डॉलर से नीचे बनी हुई थी. अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की संभावनाओं से बाजार को राहत मिली है, लेकिन पश्चिम एशिया के हालात अभी भी तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं.

दिल्ली में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है. प्रीमियम ईंधन की बात करें तो XP95 का भाव 109.24 रुपये, XP100 का 167.35 रुपये और XG का 100.52 रुपये प्रति लीटर है. इन दरों में बदलाव नहीं होने से वाहन चालकों को फिलहाल कोई नई राहत नहीं मिली है.

लखनऊ में कितने रुपये लीटर मिल रहा पेट्रोल?

लखनऊ में पेट्रोल 102.05 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.28 रुपये प्रति लीटर है. दिल्ली और लखनऊ के भाव में अंतर की वजह स्थानीय कर और अन्य लागतें हो सकती हैं. इसलिए दूसरे शहरों में रहने वाले लोगों को अपने क्षेत्र की दरें अलग से जांचनी चाहिए. पेट्रोल पंप पर भुगतान करने से पहले ताजा कीमत की पुष्टि करना बेहतर रहेगा.

ब्रेंट क्रूड में इस साल करीब 90% की तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें इस साल करीब 90 प्रतिशत बढ़ चुकी हैं. अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध से ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं. सऊदी अरब पर हमलों और संघर्ष में यमन के हूती विद्रोहियों की भागीदारी ने भी बाजार की आशंकाएं बढ़ाई हैं. हालांकि, तेल की आपूर्ति युद्ध से पहले के स्तर के करीब पहुंचने की बात कही गई है, लेकिन समुद्री परिवहन की लागत अब भी ऊंची बनी हुई है.

क्या आने वाले दिनों में सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?

कच्चे तेल के भाव गिरने के बावजूद घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतें तुरंत कम हों, यह जरूरी नहीं है. अंतरराष्ट्रीय बाजार के अलावा आपूर्ति, परिवहन खर्च और अन्य परिस्थितियां भी कीमतों को प्रभावित करती हैं. वहीं, पश्चिम एशिया में कोई नया हमला तेल की सप्लाई को प्रभावित कर सकता है. इससे कीमतों में दोबारा तेजी आने का जोखिम बना हुआ है.