कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी, 102 डॉलर प्रति बैरल के नीचे पहुंचा ब्रेंट क्रूड; जानें प्रमुख कारण

सऊदी अरब में पाइपलाइन की आंशिक बहाली और आपूर्ति बाधाएं कम होने के संकेतों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर के नीचे आ गया.

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Sagar Bhardwaj

अंतरराष्ट्रीय बाजार में 17 सितंबर को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली. मध्य पूर्व में आपूर्ति बाधाओं के कम होने के संकेतों के बीच ब्रेंट क्रूड का भाव गिरकर 102 डॉलर प्रति बैरल से नीचे पहुंच गया. इससे पहले बुधवार को भी कीमतों में 2.7% की गिरावट दर्ज की गई थी. सऊदी अरब द्वारा अपनी प्रमुख ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन की क्षमता को अगले कुछ दिनों में वापस बहाल करने के प्रयासों से बाजार को राहत मिली है.

ड्रोन हमलों के कारण बंद कर दी गई थी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन

ड्रोन हमलों के कारण पिछले सप्ताह बंद की गई ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को फिर से शुरू करने के प्रयास जारी हैं. अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट (Chris Wright) के अनुसार, यह पाइपलाइन कुछ ही दिनों में पूरी तरह से चालू हो सकती है. इसके अलावा, सऊदी अरब ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के ठीक बाहर स्थित ठिकानों से एशियाई रिफाइनरियों को अतिरिक्त तेल की बिक्री की है, जिससे आपूर्ति संकट का डर कम हुआ है.

भू-राजनीतिक जोखिम और बाजार की स्थिति

इस वर्ष कच्चे तेल में 70% से अधिक की तेजी देखी गई थी, जिसने वैश्विक स्तर पर महंगाई दर बढ़ाई. हालांकि, गुरुवार को इक्विटी बाजारों में तेजी और क्रूड में गिरावट से बाजार थोड़ा संतुलित हुआ. इसके बावजूद जोखिम पूरी तरह टले नहीं हैं, क्योंकि अमेरिका-ईरान तनाव और रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है. साथ ही, लाल सागर क्षेत्र में हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी संपत्तियों पर हमले भी निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं.