बजट पेश होने से पहले क्यों मनाई जाती है हलवा सेरेमनी? जानें इसकी खास वजह
हलवा सेरेमनी बजट से पहले आयोजित की जाने वाली एक पुरानी परंपरा है. इससे बजट की औपचारिक शुरुआत और अंतिम चरण की प्रक्रिया का संकेत मिलता है.
नई दिल्ली: केंद्रीय बजट पेश होने से पहले होने वाली हलवा सेरेमनी हर साल चर्चा का विषय बन जाती है. 1 फरवरी को यूनियन बजट 2026 पेश किए जाने से पहले भी यह परंपरा निभाई जाएगी. हलवा सेरेमनी को बजट प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत माना जाता है.
यह भारत सरकार की वर्षों पुरानी परंपरा है जो बजट से कुछ दिन पहले आयोजित की जाती है. दिल्ली स्थित नॉर्थ ब्लॉक में एक बड़ी कड़ाही में हलवा तैयार किया जाता है. इस हलवे को वित्त मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच बांटा जाता है.
कौन-कौन होता है शामिल?
हलवा सेरेमनी में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण प्रमुख रूप से शामिल होंगी. इसके साथ ही वित्त राज्य मंत्री, वित्त सचिव और बजट तैयार करने से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहते हैं.
क्यों बनाया जाता है हलवा?
वित्त मंत्री खुद अधिकारियों और कर्मचारियों को हलवा परोसती हैं. इसे शुभ कार्य की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. भारतीय परंपरा में किसी भी बड़े और महत्वपूर्ण काम से पहले मिठाई बांटने की परंपरा रही है.
इसी परंपरा के तहत बजट से पहले हलवा सेरेमनी आयोजित की जाती है. यह संकेत होता है कि बजट तैयार करने का कार्य अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है. हलवा सेरेमनी के साथ ही बजट को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू मानी जाती है.
इस कार्यक्रम के बाद क्या होता है?
इस कार्यक्रम के बाद वित्त मंत्रालय के कई अधिकारी लॉक इन पीरियड में चले जाते हैं. लॉक इन पीरियड के दौरान अधिकारी और कर्मचारी मंत्रालय परिसर से बाहर नहीं जा सकते. इस दौरान उनका बाहरी लोगों से संपर्क भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहता है.
इसका मकसद बजट से जुड़ी गोपनीय जानकारी को सुरक्षित रखना होता है. बजट से पहले किसी भी तरह की जानकारी लीक न हो इसके लिए यह व्यवस्था की जाती है. अधिकारी बजट पेश होने तक मंत्रालय परिसर में ही रहते हैं और वहीं काम करते हैं.
क्यों यह परंपरा अभी भी है जारी?
डिजिटल युग में भी बजट की गोपनीयता बनाए रखने के लिए इस परंपरा को जारी रखा गया है. हलवा सेरेमनी न केवल एक सांस्कृतिक परंपरा है बल्कि प्रशासनिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. हर साल बजट से पहले इस सेरेमनी की तस्वीरें और वीडियो सामने आते हैं.
इन तस्वीरों के साथ ही यह संदेश जाता है कि देश का बजट लगभग तैयार है. इस तरह हलवा सेरेमनी बजट प्रक्रिया का अहम हिस्सा बन चुकी है.