US Israel Iran War

चाय के दाम डबल, गोलगप्पे से लेकर मटर पनीर पर LPG की मार, महंगाई ने लोगों की जेब में लगाई 'आग'

मिडिल ईस्ट में चल रहे जंग का असर अब भारत की रसोई में भी नजर आने लगा है. LPG की कमी के कारण होटलों और रेस्टोरेंट बंद हो रहे हैं. वहीं ठेले की चीजें महंगी हो गई है.

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Shanu Sharma

अमेरिका-इजरायल ने 28 फरवरी को संयुक्त रूप से ईरान पर हमला कर दिया. जिसमें सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई. जिसके बाद ईरान ने भी बदले की कसम ली है. अब ईरान की कमान अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई के हाथों में है. उन्होंने कहा कि अगर ईरान पर हमले होते हैं तो होर्मुज स्ट्रेट से एक भी नांव को पार नहीं करने दिया जाएगा. 

ईरान द्वारा समुद्री माइंस भी बिछाई जा रही है. इन सभी वजहों से एलपीजी की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है. यह संकट घरेलू रसोई से लेकर होटलों और रेस्टोरेंट तक पहुंच गया है. पहले कमर्शियल सिलेंडर की कमी से व्यापारी प्रभावित हुए लेकिन अब धीरे-धीरे इस समस्या से हर एक इंसान प्रभावित हो रहा है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अटका जहाज

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग है. इसी रास्ते से भारत का बड़ा हिस्सा क्रूड ऑयल, एलएनजी और एलपीजी आता है. इस जंग के कारण जहाज नहीं आ पा रहे हैं,  जिससे लाखों बैरल तेल और गैस अटक गए हैं. भारत सालाना लगभग 31-33 मिलियन टन एलपीजी की खपत करता है, जिसमें 87 प्रतिशत घरेलू उपयोग के लिए और बाकी कमर्शियल सेक्टर में जाता है. अब जहाज के नहीं पहुंच पाने की वजह से सिलेंडर की समस्या बढ़ने लगी है.

इससे दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद जैसे शहरों में छोटे चाय-नाश्ता विक्रेताओं से लेकर बड़े रेस्टोरेंट तक प्रभावित हुए हैं. सिलेंडर की कमी के कारण स्ट्रीट फूड पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है. 10 रुपये की कटिंग चाय अब 15 से 20 रुपये तक पहुंच चकी है. नाश्ता अब 25 से बढ़कर 30-35 रुपये हो गई. वहीं पानी पूरी वाले ने संख्या कम कर दी है. जंग का असर अब घर पर भी नजर आने लगा है. 

रेस्टोरेंट मालिकों की बढ़ी समस्या

रेस्टोरेंट मालिकों ने मेन्यू छोटा कर दिया है . ज्यादा से ज्यादा खाने इंडक्शन और इलेक्ट्रिक तंदूर की मदद से बनाई जा रही है. मुंबई होटल एसोसिएशन ने कहा है कि 20 प्रतिशत होटल बंद हो चुके है. अगर स्थिति जल्दी नहीं सुधरती है तो यह आंकड़ा 50 प्रतिशत तक पहुंच सकता है. इस संकट के कारण होटल मालिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. हालांकि सरकार द्वारा यह कोशिश की जा रही है कि घरों में एलपीजी बाधित ना हो. सरकार वैकल्पिक स्रोतों जैसे रूस और पश्चिम अफ्रीका से आयात बढ़ाने की कोशिश कर रही है, हालांकि इसमें समय लग सकता है.