गौतम अदाणी के नेतृत्व वाले समूह की कंपनियों के शेयर बुधवार को निवेशकों के रडार पर रहे. अदाणी एंटरप्राइजेज में 5 फीसदी से ज्यादा उछाल आया, जबकि अदाणी पावर और अदाणी पोर्ट्स में भी मजबूत खरीदारी दिखी. इस तेजी के पीछे अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के बड़े फंडरेज को अहम कारण माना जा रहा है.
बुधवार के शुरुआती कारोबार में अदाणी समूह की कई कंपनियों के शेयरों में तेज खरीदारी देखने को मिली. अदाणी एंटरप्राइजेज का शेयर करीब 5 फीसदी चढ़कर 3245 रुपये के 52-सप्ताह के उच्च स्तर के करीब पहुंच गया. अदाणी पावर में लगभग 2 फीसदी और अदाणी पोर्ट्स में करीब 3 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई. बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, समूह की फंड जुटाने की योजना से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है.
अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड ने करीब 9825 करोड़ यानी लगभग 1 अरब डॉलर की प्राथमिक इक्विटी पूंजी जुटाने के लिए घरेलू और वैश्विक निवेशकों के एक समूह के साथ बाध्यकारी समझौते किए हैं. इस सौदे में कंपनी का प्री-मनी इक्विटी वैल्यूएशन करीब 18 अरब डॉलर आंका गया है. सौदा पूरा होने के बाद निवेशकों के पास कंपनी में लगभग 5.54 फीसदी हिस्सेदारी होगी.
इस फंडरेज में Alpha Wave Global, Premji Invest, Temasek और BlackRock द्वारा प्रबंधित फंड शामिल हैं. कंपनी के मुताबिक जुटाई गई रकम का इस्तेमाल एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण और क्षमता बढ़ाने में किया जाएगा. लक्ष्य सालाना करीब 20 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता विकसित करना है. इसके अलावा पहले चरण में लगभग 2.2 करोड़ वर्ग फुट के Adani Airport City प्रोजेक्ट और ग्राउंड हैंडलिंग तथा अन्य गैर-एविएशन कारोबार को विस्तार देने की योजना है.
यह फंडरेज अदाणी समूह की हालिया पूंजी जुटाने की गतिविधियों के बाद आया है. जुलाई 2026 में अदाणी एंटरप्राइजेज ने ₹15,000 करोड़ का क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट यानी QIP पूरा किया था, जिसे किसी गैर-वित्तीय कंपनी का भारत का सबसे बड़ा QIP बताया गया. समूह के मुताबिक, इन दोनों सौदों से घरेलू और वैश्विक संस्थागत निवेशकों से लंबी अवधि की पूंजी जुटाने की उसकी क्षमता का संकेत मिलता है. कंपनी का कहना है कि भारत में विमानन क्षेत्र के विस्तार के साथ एयरपोर्ट कारोबार में आगे बड़ी संभावनाएं हैं.
नोट: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचना और जागरूकता के उद्देश्य से है. इसे निवेश की सलाह या किसी शेयर को खरीदने-बेचने की सिफारिश न समझें. निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें और अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार ही निर्णय लें.