नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने 4 मई 2026 को इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रसीद (Electronic Gold Receipt- EGR) नाम की एक नई योजना लॉन्च की है. इस योजना के माध्यम से अब हर किसी के लिए सोने में निवेश करना आसान हो जाएगा.
ईजीआर एक एक्सचेंज-ट्रेडेड सिक्योरिटी है जो सेबी द्वारा अप्रूवड सुरक्षित तिजोरियों में रखे गए फिजिकल सोने के स्वामित्व का प्रतिनिधित्व करती है.
अब निवेशक सोने को भौतिक रूप से खरीदने के बजाय एक्सचेंजों पर शेयर की तरह ईजीआर को खरीद व बेच सकेंगे जिससे भारत में सोने में निवेश करना अधिक सुविधानजनक और पारदर्शी हो जाएगा. यही नहीं निवेशकों के पास जरूरत पड़ने पर ईजीआर को भौतिक सोने में बदलने का भी विकल्प होगा.
दशकों से लोग सोने में आभूषण, सिक्कों और सोने की छड़ों के रूप में निवेश करते रहे हैं. इसके बाद ईटीफ और डिजिटल गोल्ड जैसे विकल्प भी आए. पिछले कुछ सालों में सोने की कीमतों में बेहिसाब बढ़ोत्तरी हुई ही जिससे बड़ी मात्रा में सोने में निवेश करना असंभव होता जा रहा है.
सोने को एक सुरक्षित निवेश माना जाता है इसलिए हाल के दिनों में डिजिटल गोल्ड में निवेश करने के चलन ने जोर पकड़ा है क्योंकि यहां आपको बेहद कम पूंजी में भी सोने में निवेश करने का विकल्प मिलता है लेकिन यहां एक खतरा भी है. सेबी ने हाल ही में कहा था कि डिजिटल गोल्ड में निवेश करना सुरक्षित नहीं है क्योंकि ना तो इन्हें सेबी द्वारा विनियमित (Regulated) किया जाता है और न ही आरबीआई द्वारा. यानी नुकान होने की स्थिति में सेबी या आरबीआई आपको नुकसान की भरपाई करने के लिए बाध्य नहीं है. इसलिए डिजिटल गोल्ड के विकल्प के तौर पर ईजीआर को लाया गया है.