कार चलाते समय तीसरा गियर आमतौर पर 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड पर लगाया जाता है. जब आप दूसरे गियर में गाड़ी चला रहे हों और स्पीड करीब 25 kmph तक पहुंच जाए, तब तीसरा गियर लगाना सही माना जाता है. यह स्पीड रेंज इसलिए सही मानी जाती है क्योंकि इस समय इंजन ना तो ज्यादा लोड में होता है और ना ही ज्यादा रेव करता है. इससे ड्राइविंग स्मूद रहती है और इंजन की परफॉर्मेंस भी बेहतर होती है. अगर आप बहुत कम स्पीड पर तीसरा गियर लगा देते हैं, तो इंजन पर ज्यादा दबाव पड़ता है. इससे गाड़ी झटके देने लगती है और इंजन को नुकसान भी हो सकता है.
वहीं अगर आप ज्यादा देर तक दूसरे गियर में गाड़ी चलाते रहते हैं, तो इंजन ज्यादा आवाज करता है और फ्यूल की खपत बढ़ जाती है. इसलिए सही समय पर गियर बदलना बेहद जरूरी है.
गियर बदलते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है
अगर आप क्लच को अचानक छोड़ेंगे, तो गाड़ी झटका दे सकती है. इसलिए हमेशा स्मूद तरीके से गियर बदलें.
ड्राइविंग के दौरान इंजन की आवाज बहुत कुछ बताती है. अगर इंजन बहुत तेज आवाज कर रहा है, तो गियर बदलने का समय हो सकता है. अगर गाड़ी भारी महसूस हो रही है, तो हो सकता है आपने जल्दी गियर बदल दिया हो. इन संकेतों को समझना एक अच्छे ड्राइवर की पहचान है.
हर स्थिति में गियर बदलने का समय एक जैसा नहीं होता
चढ़ाई पर गाड़ी चलाते समय तीसरा गियर थोड़ा देर से लगाना चाहिए क्योंकि वहां ज्यादा ताकत की जरूरत होती है.
अगर गाड़ी में ज्यादा लोग बैठे हैं या वजन ज्यादा है, तो गियर बदलने में जल्दी न करें.
खाली और सीधी सड़क पर आप जल्दी गियर बदल सकते हैं क्योंकि गाड़ी आसानी से स्पीड पकड़ लेती है.