Rainy Night Driving: बरसात का मौसम रोमांटिक जरूर होता है, लेकिन जब बात ड्राइविंग की आती है तो यह मौसम काफी खतरनाक साबित हो सकता है. खासकर जब रात का अंधेरा हो और ऊपर से भारी बारिश हो रही हो, तब सड़कों पर फिसलन बढ़ जाती है और विजिबिलिटी कम हो जाती है. ऐसे में अगर थोड़ी सी भी लापरवाही हो जाए, तो हादसा होने में वक्त नहीं लगता.
इसलिए जरूरी है कि बारिश की रात ड्राइविंग करते वक्त कुछ खास बातों का ध्यान रखा जाए. यह न सिर्फ आपकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि सड़क पर मौजूद दूसरों की जान भी बचा सकता है. आइए जानते हैं कि ऐसी स्थिति में सुरक्षित ड्राइविंग के लिए किन बातों की गांठ बांध लेनी चाहिए.
बारिश के दौरान विजिबिलिटी बहुत कम हो जाती है, खासकर रात के वक्त. ऐसे में आपकी कार की हेडलाइट, फॉग लाइट और वाइपर अच्छे से काम करने चाहिए. वाइपर पुराने या घिसे हुए हों तो तुरंत बदलवाएं, क्योंकि साफ विंडस्क्रीन ही आपको आगे की स्थिति दिखा सकती है. वहीं, हेडलाइट का बीम सही तरीके से एडजस्ट होना चाहिए ताकि सामने से आ रही गाड़ियों को भी दिक्कत न हो.
भारी बारिश में सड़क पर पानी भर जाता है और टायर की पकड़ कमजोर हो जाती है. तेज स्पीड में गाड़ी कंट्रोल से बाहर जा सकती है. इसलिए हमेशा धीमी गति से ड्राइव करें और अचानक ब्रेक लगाने से बचें. ब्रेक हल्के और दूरी बनाकर लगाएं ताकि गाड़ी फिसले नहीं. साथ ही, गाड़ी के टायर और ब्रेक की हालत पहले ही चेक करवा लें.
बरसात में कई बार सड़कों पर पानी भर जाता है और यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है कि गड्ढा कहां है. इसलिए अनजान और जलभराव वाली सड़कों से जितना हो सके, बचें. अगर जाना जरूरी हो, तो पहले किसी दूसरी गाड़ी को गुजरते देखें और तभी आगे बढ़ें. GPS और ट्रैफिक अपडेट्स की मदद से सही और सुरक्षित रास्ता चुनें.