इलेक्ट्रिक कार सच्चे दोस्त की तरह देगी लंबे वक्त तक आपका साथ, ये 4 आसान टिप्स को करें फॉलो
इलेक्ट्रिक कारें पारंपरिक गाड़ियों से अलग होती हैं, इसलिए उनका रखरखाव भी अलग तरीके का होना चाहिए.
नई दिल्ली: आजकल इलेक्ट्रिक कारों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है. लोग पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और प्रदूषण से बचने के लिए EV की ओर रुख कर रहे हैं. लेकिन कई नए मालिकों को यह नहीं पता होता कि इन कारों का रखरखाव पारंपरिक गाड़ियों से बिल्कुल अलग होता है.
अगर सही तरीके से देखभाल की जाए तो इलेक्ट्रिक कार दस-बारह साल तक बिना किसी बड़ी समस्या के चल सकती है. कुछ आसान आदतें अपनाकर आप अपनी EV की लाइफ और परफॉर्मेंस दोनों को बेहतर बना सकते हैं.
बैटरी की सही देखभाल सबसे जरूरी
इलेक्ट्रिक कार की बैटरी उसकी जान होती है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बैटरी को 20 से 80 प्रतिशत के बीच चार्ज रखें. रोजाना 100 प्रतिशत चार्ज करने की आदत बैटरी की उम्र घटा सकती है. गर्मी के मौसम में कार को छाया में पार्क करें और लंबे समय तक 0 प्रतिशत या 100 प्रतिशत चार्ज न छोड़ें. इससे बैटरी स्वस्थ रहती है और रेंज भी अच्छी बनी रहती है.
टायर प्रेशर और ब्रेकिंग सिस्टम पर ध्यान दें
इलेक्ट्रिक कारें भारी होती हैं इसलिए टायरों का प्रेशर हमेशा सही रखना बहुत जरूरी है. हर हफ्ते टायर प्रेशर चेक करें और कम होने पर तुरंत ठीक करें. EV में रिजनरेटिव ब्रेकिंग होती है, जो ब्रेक पैड को कम घिसती है, लेकिन फिर भी ब्रेक फ्लूइड और पैड की नियमित जांच कराएं. सही टायर प्रेशर से बैटरी की खपत भी कम होती है.
सॉफ्टवेयर अपडेट और क्लीनिंग का रखें ख्याल
इलेक्ट्रिक कारों में सॉफ्टवेयर बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. कंपनी की तरफ से आने वाले अपडेट को समय पर इंस्टॉल करें क्योंकि ये बैटरी मैनेजमेंट और परफॉर्मेंस को बेहतर बनाते हैं. कार को नियमित रूप से साफ रखें, खासकर चार्जिंग पोर्ट और कनेक्टर्स को धूल-मिट्टी से बचाएं. साफ-सुथरी कार न सिर्फ अच्छी लगती है बल्कि टेक्निकल पार्ट्स भी लंबे समय तक ठीक रहते हैं.
ड्राइविंग स्टाइल से बचाएं बैटरी
तेज एक्सीलरेशन और ब्रेकिंग बैटरी पर अतिरिक्त दबाव डालती है. सुधरकर ड्राइविंग करें, धीरे-धीरे एक्सीलरेट करें और रिजनरेटिव ब्रेकिंग का पूरा फायदा उठाएं. लंबी ड्राइव से पहले बैटरी को 80 प्रतिशत तक चार्ज करें और जरूरत से ज्यादा तेज गति न चलाएं. सही ड्राइविंग आदतें आपकी कार की रेंज बढ़ाती हैं और बैटरी को स्वस्थ रखती हैं.
नियमित सर्विसिंग न भूलें
भले ही इलेक्ट्रिक कार में पारंपरिक इंजन न हो, फिर भी नियमित सर्विसिंग जरूरी है. हर 10,000 किलोमीटर या छह महीने में एक बार सर्विस सेंटर ले जाएं. कूलिंग सिस्टम, सस्पेंशन और इलेक्ट्रिकल कनेक्शन्स की जांच कराएं. समय पर छोटी-मोटी समस्याओं का समाधान कराने से बड़ी खराबी रुक जाती है और कार लंबे समय तक अच्छी हालत में चलती रहती है.