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कार का इंजन अचानक कमजोर पड़ जाए तो क्या करें? पावर घटने की असली वजह और आसान उपाय कर लें नोट

कई कार मालिक अचानक महसूस करते हैं कि उनकी गाड़ी पहले जितनी जोरदार नहीं चल रही. एक्सीलरेटर दबाने पर भी रेस्पॉन्स धीमा हो जाता है और पावर कम लगती है.

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Edited By: Reepu Kumari
कार का इंजन अचानक कमजोर पड़ जाए तो क्या करें? पावर घटने की असली वजह और आसान उपाय कर लें नोट
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: सड़क पर तेज गति से चलते हुए अचानक लगता है जैसे कार ने दम तोड़ दिया हो. एक्सीलरेटर पर पैर रखने के बावजूद गाड़ी आगे नहीं बढ़ पाती. यह अनुभव कई ड्राइवर्स को होता है जब इंजन की क्षमता कम हो जाती है. शहर की ट्रैफिक में या हाईवे पर यह समस्या परेशान करती है. ज्यादातर मामलों में छोटी-मोटी मेंटेनेंस की लापरवाही इसके पीछे होती है. अगर समय रहते कारण समझ लिए जाएं तो महंगे रिपेयर से बचा जा सकता है.

इंजन ओवरहीटिंग से पावर घाटा

गर्मियों में लंबी ड्राइव के दौरान इंजन का तापमान बढ़ना आम है. जब कूलेंट लेवल कम हो या रेडिएटर में गंदगी जमा हो जाए तो इंजन खुद को बचाने के लिए पावर कम कर देता है. इसमें कूलिंग फैन या थर्मोस्टेट की समस्या भी शामिल हो सकती है. ऐसे में तुरंत गाड़ी रोककर इंजन को ठंडा होने दें. नियमित रूप से कूलेंट चेक करवाएं और लीकेज की जांच कराएं. ज्यादा गर्मी इंजन के पार्ट्स को नुकसान पहुंचाती है. 

गंदे फिल्टर और फ्यूल सिस्टम की समस्या

एयर फिल्टर और फ्यूल फिल्टर गंदे होने पर इंजन को सही मात्रा में हवा और ईंधन नहीं मिल पाता. इससे जलन अधूरी रहती है और पावर घट जाती है. घटिया पेट्रोल या डीजल इस्तेमाल करने से इंजेक्टर बंद हो सकते हैं. समय-समय पर फिल्टर बदलवाना जरूरी है. सर्विस सेंटर में जाकर दोनों फिल्टर साफ या नये करवाएं. साफ फिल्टर से एक्सीलरेशन सुधरता है और माइलेज भी बेहतर होता है. 

सेंसर और स्पार्क प्लग की खराबी

मॉडर्न कारों में कई सेंसर इंजन के काम पर नजर रखते हैं. अगर मास एयर फ्लो सेंसर या थ्रॉटल पोजीशन सेंसर खराब हो जाए तो कंप्यूटर गलत सिग्नल पाकर पावर घटा देता है. पुराने स्पार्क प्लग से भी मिसफायर होता है. इनकी नियमित जांच कराएं. ड्राइविंग के दौरान चेक इंजन लाइट जलने पर तुरंत मैकेनिक से दिखाएं. सही रखरखाव से ये समस्याएं आसानी से सुलझ जाती हैं. 

क्या करें और क्या न करें

इंजन की पावर कम होने पर सबसे पहले कूलेंट, ऑयल और फिल्टर चेक करें. नियमित सर्विसिंग का शेड्यूल फॉलो करें. अच्छी क्वालिटी का ईंधन भरें और एसी का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल न करें. गाड़ी को अचानक ज्यादा लोड न दें. लेकिन खुद से इंजन खोलकर छेड़छाड़ न करें, इससे वारंटी प्रभावित हो सकती है. पेशेवर मदद लें ताकि छोटी समस्या बड़ी न बन जाए.

समय पर ध्यान से बचाएं बड़ा खर्च

कार की नियमित देखभाल इंजन की लाइफ बढ़ाती है. महीने में एक बार बेसिक चेकअप करवाएं. अगर पावर लगातार कम लग रही हो तो डायग्नोस्टिक टेस्ट कराएं. सही ड्राइविंग हैबिट्स जैसे स्मूथ एक्सीलरेशन और समय पर ब्रेकिंग भी मदद करती हैं. जागरूक मालिक अपनी गाड़ी को लंबे समय तक नई जैसी बनाए रखते हैं. छोटी-छोटी सावधानियां बड़े नुकसान से बचाती हैं.