नई दिल्ली: कार में अचानक इंजन बंद हो जाना या स्टार्ट न होना हर ड्राइवर के लिए परेशानी भरा होता है. ज्यादातर मामलों में इसका कारण बैटरी कमजोर होना होता है. कार की बैटरी पूरी तरह खराब होने से पहले कुछ साफ-साफ संकेत देती है. अगर आप इन पर ध्यान दें तो महंगी परेशानी से बच सकते हैं. आइए जानते हैं वे 5 महत्वपूर्ण लक्षण जो बताते हैं कि आपकी कार की बैटरी अब बदलने का समय आ गया है.
अगर आपकी कार चाबी घुमाने या पुश बटन दबाने पर इंजन स्टार्ट होने में पहले से ज्यादा समय ले रही है, तो यह बैटरी कमजोर होने का पहला संकेत है. कई बार तो बार-बार स्टार्ट करने की कोशिश करनी पड़ती है या धक्का लगवाना पड़ता है. ऐसे में जंप स्टार्टर का इस्तेमाल भी बढ़ने लगता है. इसे नजरअंदाज न करें, तुरंत बैटरी चेक करवाएं.
कार चलाते समय अगर डैशबोर्ड पर बैटरी का लाल चिह्न जल उठे तो समझ लीजिए कि चार्जिंग सिस्टम या बैटरी में समस्या है. यह लाइट अक्सर बैटरी कमजोर होने या अल्टरनेटर में खराबी के कारण आती है. इसे हल्के में न लें और जल्द से जल्द मैकेनिक या सर्विस सेंटर दिखाएं.
बैटरी सिर्फ इंजन स्टार्ट करने का काम नहीं करती. हेडलाइट की रोशनी डिम होना, केबिन लाइट कमजोर पड़ना, पावर विंडो धीरे चलना, टचस्क्रीन या डैशबोर्ड डिस्प्ले बार-बार बंद होना – ये सभी बैटरी की कमजोरी के संकेत हैं. अगर कई फीचर्स एक साथ प्रभावित हो रहे हैं तो बैटरी बदलने का समय आ गया है.
अगर बैटरी का केस फूला हुआ दिखे या उससे तेज बदबू आ रही हो तो तुरंत कार को बंद कर दें. गर्मी के मौसम में बैटरी का केस फूलना या उसमें दरारें पड़ना आम है. ऐसी स्थिति में बैटरी को कभी भी इस्तेमाल न करें क्योंकि यह खतरनाक हो सकती है.
बैटरी के टर्मिनल पर सफेद या हरे रंग का पाउडर जमा होना corrosion का संकेत है. यह बैटरी की उम्र बढ़ने और उसके कमजोर होने का स्पष्ट लक्षण है. इसे साफ करने के साथ-साथ बैटरी की स्थिति चेक करवाएं. अगर समस्या बार-बार हो रही हो तो नई बैटरी लगाना बेहतर विकल्प है.