Brezza vs Nexon: शोरूम में दो गाड़ियां लगभग एक ही बजट की लगती हैं, लेकिन असली फर्क तब दिखता है जब हर महीने की किस्त का हिसाब लगाया जाता है. अगर आप नई कॉम्पैक्ट SUV खरीदने की सोच रहे हैं, तो मारुति सुजुकी ब्रेजा और टाटा नेक्सन का नाम सबसे पहले आता होगा. लुक, फीचर्स और परफॉर्मेंस के कारण दोनों को खूब पसंद किया जाता है.
पर कार खरीदते समय सिर्फ ऑन-रोड कीमत देखना काफी नहीं है. डाउन पेमेंट और ब्याज दर जुड़ते ही EMI में अच्छा-खासा अंतर आ जाता है. अगर आपका बजट थोड़ा तंग है, तो यह जानना जरूरी है कि किसकी किस्त जेब पर हल्की पड़ेगी. आइए इसे बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं.
EMI तय करने में सबसे बड़ी भूमिका ऑन-रोड कीमत की होती है. ब्रेजा के बेस मॉडल की एक्स-शोरूम कीमत करीब 8.34 लाख रुपए है, जो ऑन-रोड पहुंचते-पहुंचते लगभग 9.35 लाख रुपए हो जाती है. नेक्सन का बेस मॉडल करीब 8 लाख रुपए एक्स-शोरूम मिलता है और ऑन-रोड कीमत लगभग 9 लाख रुपए बैठती है. यानी शुरुआत में ही नेक्सन थोड़ी सस्ती है.
मान लीजिए दोनों गाड़ियों पर आप 1 लाख रुपए डाउन पेमेंट करते हैं. तब ब्रेजा के लिए करीब 8.35 लाख और नेक्सन के लिए करीब 8 लाख रुपए का लोन लेना पड़ेगा. 5 साल के लिए 9% ब्याज मानें, तो ब्रेजा की EMI लगभग 17,330 रुपए और नेक्सन की करीब 16,600 रुपए बनेगी. इस हिसाब से नेक्सन हर महीने 700 से 800 रुपए सस्ती पड़ती है.
किस्त के साथ पेट्रोल का खर्च भी जेब पर असर डालता है. ब्रेजा में 1.5 लीटर का बड़ा पेट्रोल इंजन है, जो करीब 17 से 19 किमी प्रति लीटर का माइलेज देता है. नेक्सन में 1.2 लीटर का टर्बो पेट्रोल इंजन है, जिसका माइलेज 16 से 17 किमी प्रति लीटर के आसपास रहता है. अगर आपकी रोज की दौड़ ज्यादा है, तो ब्रेजा पेट्रोल की बचत से EMI का फर्क पूरा कर सकती है.
अगर आपका मकसद हर महीने की किस्त कम से कम रखना है और आप कम बजट में सुरक्षित SUV चाहते हैं, तो टाटा नेक्सन अच्छा विकल्प है. लेकिन अगर आप लंबे समय तक बिना मेंटेनेंस की चिंता के कार चलाना चाहते हैं, अच्छी रीसेल वैल्यू और माइलेज से बचत चाहते हैं, तो ब्रेजा के लिए थोड़ी ज्यादा EMI देना घाटे का सौदा नहीं होगा. अपनी जरूरत और कमाई देखकर फैसला करें.