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सावन हुआ खत्म अब पूजा घर से हटा दें ये 4 चीजें, भादों में ऐसे सजाएं मंदिर

सावन का महीना खत्म हो चुका है और भाद्रपद यानी भादों का महीना शुरू हो गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह महीना श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी जैसे प्रमुख पर्वों से जुड़ा है. ऐसे में भादों की शुरुआत से पहले पूजा घर की सफाई और सजावट पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है.

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Edited By: Shanu Sharma
सावन हुआ खत्म अब पूजा घर से हटा दें ये 4 चीजें, भादों में ऐसे सजाएं मंदिर
Courtesy: AI

सावन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है. इस पूरे महीने में शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल और शमी पत्र सहित कई चीजें अर्पित की जाती हैं. सावन पूर्णिमा के बाद जब भाद्रपद माह शुरू होता है, तो पूजा की परंपराओं में भी बदलाव आता है. 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय पूजा घर को साफ और व्यवस्थित रखना शुभ माना जाता है. वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में भी सावन के दौरान मंदिर में जमा हुई पुरानी पूजा सामग्री को हटाकर नए महीने की शुरुआत साफ-सुथरे पूजा घर से करने की सलाह दी जाती है.

सूखे फूल और बेलपत्र तुरंत हटाएं

सावन में शिवलिंग पर रोजाना चढ़ाए गए बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल और शमी पत्र अगर सूख चुके हैं या मुरझा गए हैं, तो उन्हें पूजा घर में न रखें. इन्हें सम्मानपूर्वक हटाकर गमले की मिट्टी में दबाया जा सकता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा में इस्तेमाल हुई सामग्री को सामान्य कचरे में फेंकने से बचना चाहिए.

पुराना अभिषेक जल और पूजा के बर्तन न रखें

शिवलिंग के अभिषेक में इस्तेमाल होने वाला जल लंबे समय तक पूजा घर में जमा नहीं रहने देना चाहिए. लोटे, शंख और पंचामृत के बर्तनों को अच्छी तरह धोकर साफ करें. खासकर तांबे और पीतल के पात्रों की अच्छी तरह सफाई कर उन्हें दोबारा पूजा के लिए तैयार किया जा सकता है.

जली बत्तियां और कपूर के अवशेष भी हटाएं

आरती के बाद बची हुई जली बत्तियां, धूप की राख और कपूर के अवशेष मंदिर के किसी कोने में जमा करके न रखें. सावन समाप्त होने पर पूजा घर की पूरी सफाई करें और पुराने अवशेषों को सम्मानपूर्वक हटा दें. इससे मंदिर व्यवस्थित और स्वच्छ बना रहेगा.

पुराने पूजा वस्त्र बदल दें

भगवान की चौकी पर बिछा हुआ पुराना या मैला कपड़ा भी बदल देना चाहिए. सावन के दौरान इस्तेमाल किए गए पुराने रक्षासूत्र और अन्य पूजा वस्त्रों को भी पूजा घर में जमा करके न रखें. चौकी को साफ करने के बाद भादों के अनुरूप नए और साफ वस्त्र बिछाए जा सकते हैं.

भादों में भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है. ऐसे में लड्डू गोपाल की चौकी के लिए पीले, केसरिया या लाल रंग के वस्त्रों का इस्तेमाल किया जा सकता है. बाल गोपाल के झूले को साफ करके सजाएं और उनके पास मोरपंख व बांसुरी रखें.