नई दिल्ली: आज शाम 31 मई 2026 को एक बहुत ही खास और दुर्लभ खगोलीय नजारा जिसे 'ब्लू मून' के नाम से जाना जाता है. आसमान की शोभा बढ़ाने वाला है. लोग अक्सर मान लेते हैं कि इस दिन चांद सचमुच नीला दिखाई देगा. हालांकि यह पूरी तरह से एक खगोलीय वर्गीकरण है. जब एक ही कैलेंडर महीने में दो पूर्णिमाएं पड़ती हैं, तो दूसरी पूर्णिमा को ब्लू मून कहा जाता है.
चूंकि मई 2026 के महीने में 1 मई और 31 मई, दोनों ही दिन पूर्णिमा है, इसलिए आज की पूर्णिमा को ब्लू मून के रूप में पहचाना जा रहा है. इसे माइक्रो मून भी कहा जा रहा है क्योंकि अपनी कक्षा में इसकी स्थिति पृथ्वी से अपेक्षाकृत अधिक दूरी पर होने के कारण इसे सामान्य से थोड़ा छोटा दिखा सकती है.
आज चांद आपको नारंगी या हल्का लाल दिखाई दे सकता है. एक ऐसी घटना जिसका एक गहरा वैज्ञानिक स्पष्टीकरण है.
लाल रंग का रहस्य: जब चांद क्षितिज के पास होता है, तो उसकी रोशनी को हमारी आंखों तक पहुंचने के लिए पृथ्वी के वायुमंडल की एक मोटी परत से गुजरना पड़ता है. इस यात्रा के दौरान रोशनी की छोटी नीली तरंगें बिखर जाती हैं, जिससे केवल लंबी लाल और नारंगी तरंगें ही हमारी आंखों तक पहुंच पाती हैं.
विशाल आकार का भ्रम: चांद का असाधारण रूप से बड़ा दिखाई देना, असल में एक ऑप्टिकल इल्यूजन यानी आंखों का धोखा है. जब चांद को पेड़ों, पहाड़ों या इमारतों जैसी चीजों के पास देखा जाता है, तो हमारा दिमाग आस-पास के संदर्भ के कारण उसे बहुत बड़ा समझता है. सच तो यह है कि उसके आकार में कोई वास्तविक भौतिक बदलाव नहीं होता है.
भारत में इस अद्भुत खगोलीय घटना को देखने का सबसे अच्छा समय आज शाम सूर्यास्त के बाद लगभग 6:30 PM से 7:30 PM के बीच होगा, जब यह दक्षिण-पूर्वी आकाश में दिखाई देगी. इस शानदार नजारे को देखने के लिए किसी महंगे टेलीस्कोप या विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं है. आप इसे अपने घर की छत या किसी भी खुली जगह से अपनी नंगी आंखों से देख सकते हैं.
ज्योतिष और लोक-मान्यताओं के अनुसार पूर्णिमा का दिन ऊर्जा से भरपूर माना जाता है. इस दिन शांति और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए कुछ विशेष उपाय किए जा सकते हैं. चंद्रमा को अर्घ्य देना और 'ॐ सोमाय नमः' मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है.
मानसिक शांति के लिए ध्यान करना, दान-पुण्य के कार्य करना और देवी लक्ष्मी की पूजा करना विशेष रूप से उन्हें भोग के रूप में खीर अर्पित करना अत्यंत पुण्यकारी और फलदायी कार्य माने जाते हैं.