menu-icon
India Daily

Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन पर कौन सी राखी बांधें? सोना, चांदी या रेशम में जानें सबसे ज्यादा किसकी मान्यता

रक्षाबंधन भाई बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व है. इस दिन बहनें भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं. धार्मिक मान्यताओं में रेशम या सूत की राखी को पवित्र माना गया है, जबकि चांदी की राखी को मानसिक शांति और सोने की राखी को धन समृद्धि से जोड़ा जाता है.

reepu
Edited By: Reepu Kumari
Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन पर कौन सी राखी बांधें? सोना, चांदी या रेशम में जानें सबसे ज्यादा किसकी मान्यता
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: रक्षाबंधन का त्योहार भाई बहन के रिश्ते में स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के भाव को मजबूत करने वाला पर्व माना जाता है. इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसके सुखी जीवन की कामना करती है. बाजार में आजकल रेशम, सूत, चांदी और सोने तक की राखियां उपलब्ध हैं. ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि धार्मिक मान्यता के अनुसार इनमें से कौन सी राखी भाई के लिए अधिक शुभ मानी जाती है. साल 2026 में रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा. दी गई धार्मिक गणना के अनुसार श्रावण पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह समाप्त होगी. उदयकालिक पूर्णिमा के आधार पर त्योहार 28 अगस्त को मनाया जाएगा. इस मौके पर राखी का चुनाव करते समय उसकी कीमत से अधिक उसके धार्मिक अर्थ और भाई के प्रति बहन की भावना को महत्व दिया जाता है.

रेशम और सूत की राखी को क्यों माना जाता है शुभ?

राखी के लिए रेशम या सूत के धागे का इस्तेमाल लंबे समय से होता आया है. धार्मिक मान्यताओं में इसे पवित्रता और रक्षा सूत्र का प्रतीक माना जाता है. यही वजह है कि सामान्य धागे से बनी राखी भी शुभ मानी जाती है. बहन जब प्रेम और शुभ भावना के साथ भाई की कलाई पर यह सूत्र बांधती है, तो इसका महत्व केवल उसके रूप या कीमत से नहीं, बल्कि उससे जुड़ी भावना से माना जाता है.

चांदी की राखी से जुड़ी क्या मान्यता है?

चांदी की राखी को भी धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है. मान्यता है कि चांदी का संबंध चंद्रमा से होता है और इसे मानसिक शांति से जोड़ा जाता है. कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, चांदी का इस्तेमाल कुंडली में चंद्र दोष से जुड़ी परेशानियों को कम करने में सहायक माना जाता है. हालांकि, यह धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यता है. इसलिए इसे निश्चित परिणाम की गारंटी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए.

सोने की राखी का क्या है महत्व?

सोने की राखी अपनी कीमत और आकर्षण के कारण खास मानी जाती है. धार्मिक मान्यताओं में सोने को धन, समृद्धि और वैभव का प्रतीक माना गया है. बहन यदि अपनी सामर्थ्य के अनुसार भाई को सोने की राखी बांधती है, तो इसे शुभ माना जाता है. ऐसी राखी भाई के प्रति प्रेम, सम्मान और स्नेह को भी दर्शाती है. हालांकि, राखी का महत्व केवल कीमती धातु होने से तय नहीं होता.

क्या महंगी राखी ही ज्यादा शुभ होती है?

रक्षाबंधन पर राखी चुनते समय हर परिवार की अपनी परंपरा और क्षमता होती है. कोई रेशम या सूत की साधारण राखी पसंद करता है, तो कोई चांदी या सोने की राखी खरीदता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार शुभता को केवल कीमत से जोड़ना उचित नहीं माना जाता. बहन की सच्ची भावना, भाई के प्रति प्रेम और उसके सुख समृद्धि की कामना ही इस पर्व का सबसे महत्वपूर्ण भाव है.

राखी चुनते समय किस बात का रखें ध्यान?

रक्षाबंधन पर राखी चाहे रेशम की हो, सूत की, चांदी की या सोने की, उसका चुनाव अपनी सुविधा और सामर्थ्य के अनुसार किया जा सकता है. पर्व का उद्देश्य भाई बहन के रिश्ते को मजबूत करना है. इसलिए महंगी राखी खरीदना जरूरी नहीं है. प्रेम और विश्वास के साथ बांधा गया रक्षा सूत्र ही इस त्योहार की असली भावना को दर्शाता है. यही वजह है कि साधारण राखी भी उतनी ही भावपूर्ण और शुभ मानी जा सकती है.