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नाग पंचमी किस दिन है? 16 और 17 अगस्त में हो रहा कंफ्यूजन, पंचांग से जानें सही तारीख और पूजा मुहूर्त

नाग पंचमी 2026 की सही तारीख को लेकर लोगों में भ्रम है. पंचांग के अनुसार सावन शुक्ल पंचमी का सूर्योदय 17 अगस्त को मिलने से इसी दिन नाग देवता की पूजा और शुभ मुहूर्त मान्य होगा.

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Edited By: Reepu Kumari
नाग पंचमी किस दिन है? 16 और 17 अगस्त में हो रहा कंफ्यूजन, पंचांग से जानें सही तारीख और पूजा मुहूर्त
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: नाग पंचमी को लेकर इस बार सबसे बड़ा सवाल यही है कि पर्व 16 अगस्त मनाया जाए या 17 अगस्त. वैदिक पंचांग के अनुसार सावन शुक्ल पंचमी तिथि दो दिनों में पड़ रही है, जिससे श्रद्धालुओं में भ्रम बना हुआ है. हिंदू धर्म में त्योहार का निर्णय सूर्योदय पर विद्यमान तिथि से होता है, इसलिए सही तारीख जानना पूजा और शुभ मुहूर्त के लिए अत्यंत आवश्यक माना गया है और शास्त्र सम्मत भी.

नाग पंचमी 16 अगस्त या 17 अगस्त, कौन सी है सही तारीख?

वैदिक पंचांग के अनुसार सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 16 अगस्त शाम 4:52 बजे शुरू होगी और 17 अगस्त शाम 5:00 बजे समाप्त होगी. इसलिए केवल तिथि लगने के आधार पर नहीं, बल्कि सूर्योदय के समय मौजूद तिथि को महत्व दिया जाता है. चूंकि 17 अगस्त के सूर्योदय पर पंचमी तिथि विद्यमान रहेगी, इसलिए नाग पंचमी का पर्व 17 अगस्त को मनाना शास्त्र सम्मत माना गया है.

नाग पंचमी 2026 का पूजा मुहूर्त

17 अगस्त को नाग देवता की पूजा के लिए सबसे शुभ समय प्रातःकाल रहेगा. इस दौरान भगवान शिव और नाग देवता की आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है.

  • पूजा मुहूर्त-सुबह 5:51 से 8:29 बजे
  • ब्रह्म मुहूर्त-सुबह 4:24 से 5:08 बजे
  • अभिजीत मुहूर्त-11:59 से 12:51 बजे
  • निशीथ मुहूर्त-रात 12:03 से 12:47 बजे

रवि योग और शुभ योग का विशेष संयोग

इस वर्ष नाग पंचमी पर दो अत्यंत शुभ योग बन रहे हैं, जिन्हें धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया है.

रवि योग: सुबह 5:51 से 8:04 बजे तक

शुभ योग: प्रातःकाल से अगले दिन 3:29 बजे तक

इन योगों में पूजा, दान और धार्मिक अनुष्ठान करना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि रवि योग में कई प्रकार के दोषों का प्रभाव कम हो जाता है.

राहुकाल में क्या करें?

नाग पंचमी के दिन राहुकाल सुबह 7:30 से 9:08 बजे तक रहेगा. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार राहु और केतु से जुड़े दोषों की शांति के लिए इस समय भगवान शिव की उपासना की जाती है. यदि किसी की कुंडली में कालसर्प दोष है, तो शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित कर नाग देवता का स्मरण करना शुभ माना जाता है.

नाग पंचमी पर करें ये शुभ कार्य

  • नाग देवता का विधिवत पूजन करें.
  • शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित करें.
  • बेलपत्र, धतूरा और सफेद पुष्प चढ़ाएं.
  • कालसर्प दोष शांति के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जप करें.
  • जीवित सांपों को कष्ट पहुंचाने के बजाय उनकी रक्षा का संकल्प लें.